दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया
ड्रॉ में चयनित छात्रों को दस्तावेज सत्यापन (DV) के लिए बुलाया जाएगा। तीन सदस्यीय समिति को शिक्षा निदेशक को हस्ताक्षरित सीडी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सभी चयनित छात्रों को शाम तक सूचना भेजी जाएगी और उन्हें दस्तावेज सत्यापन के लिए शिक्षा निदेशालय (डीओई) कार्यालय में उपस्थित होना होगा। सत्यापन पूरा होने के बाद, स्कूल किसी भी दस्तावेज़ से संबंधित कारणों से प्रवेश से इनकार नहीं कर सकते।
निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि पिछले वर्षों में इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी थी, लेकिन इस बार इसे निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में इस बार ड्रॉ को अभिभावकों और मीडिया की उपस्थिति में निष्पक्षता के साथ आयोजित किया गया।
इस वर्ष आवेदन प्रक्रिया को और अधिक समावेशी बनाने के लिए पंजीकरण की सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया गया।
आवेदन और सीटों का वितरण
- नर्सरी प्रवेश: 24,933 सीटें, 1,00,854 आवेदन प्राप्त हुए।
- किंडरगार्टन (केजी): 4,682 सीटें, 40,488 आवेदन आए।
- कक्षा 1: 14,430 सीटें, 62,598 आवेदन प्राप्त हुए।
मंत्री ने बताया कि कुल 3,134 स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसमें नर्सरी के लिए 1,299, केजी के लिए 622 और कक्षा 1 के लिए 1,213 स्कूल शामिल थे। ड्रॉ सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद सभी डेटा को सुरक्षित रूप से संरक्षित किया गया।
प्रवेश प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए, ड्रॉ आयोजित करने वाले कक्ष में किसी को भी मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी, ताकि किसी भी प्रकार की बाहरी हस्तक्षेप को रोका जा सके।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक और अवसर
मंत्री ने यह भी बताया कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, ट्रांसजेंडर छात्रों और अन्य श्रेणियों के लिए आवेदन प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ा दी गई है, क्योंकि इन श्रेणियों में अपेक्षाकृत कम आवेदन प्राप्त हुए हैं।