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25 मार्च: आज ही के दिन हुआ था दास प्रथा का अंत और इस महान कृषि वैज्ञानिक का जन्म

Wed, 25 Mar 2020 12:36 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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हर दिन अपने अंदर कुछ घटनाएं दबाए हुए है। ऐसी घटनाएं, जिसे लोग इतिहास के रूप में पढ़ते हैं। आज का दिन यानी 25 मार्च का दिन भी बेहद खास है। आज ही के दिन उषा मेहता जो कि एक महान स्वाधीनता सेनानी हैं, उनका जन्म हुआ था। इसके अलावा इस दिन को कृषि वैज्ञानिक नार्मन बोरलॉग के जन्म के लिए भी जानते हैं। इनका दूसरा नाम हरित क्रांति का जनक भी है। इनके महान काम के लिए बोरलॉग को नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था। ऐसे ही और भी घटानाएं हैं जिनके लिए इस दिन को याद किया जाता है। पढ़ते हैं आगे...   
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1655: आज ही के दिन टाइटन (जो शनि के सबसे बड़ा उपग्रह है) की खोज हुई।
1807:  ब्रिटिश साम्राज्य में दास प्रथा चलती थी, जिसका अंत हो आज ही के दिन गया।
1821: आज ही के दिन यानी 25 मार्च को ग्रीक स्वतंत्रता युद्ध प्रारंभ हुआ।
1965: आज ही के दिन मार्टिन लूथर किंग जूनियर का चार दिवसीय मार्च संपन्न हुआ। ये मार्च नागरिक अधिकारों के लिए किया गया था ।
1914: नॉर्मन बोरलॉग जो कि एक अमेरिकी कृषि वैज्ञानिक है और मानवतावदी एवं नोबेल पुरस्कार से सम्मानित हैं, का जन्म हुआ है।
1920: स्वाधीनता सेनानी और गांधीवादी नेता उषा मेहता का जन्म भी आज ही के दिन हुआ था।
1931: गणेश शंकर जो कि एक  महान पत्रकार और राजनेता विद्यार्थी हुआ करते थे आज ही के दिन उनका निधन हुआ था।
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