जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के 12 शोधार्थियों को प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप ( Prime Minister Research Fellowship) से सम्मानित किया गया है।
पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पीएमआरएफ प्राप्त करने वालों की संख्या दोगुनी हो गई है। पिछले साल दिसंबर 2020 की लेटरल एंट्री स्कीम के तहत पीएम रिसर्च फेलोशिप के लिए सिर्फ 6 छात्रों का चयन किया गया था।
चयनित 12 शोधार्थियों में से 6 लड़कियां
जामिया की कुलपति प्रोफेसर नजमा अख्तर ने कहा कि यह प्रदर्शन उच्च गुणवत्ता अनुसंधान पर विश्वविद्यालय के ध्यान को दर्शाता है और मुझे विशेष रूप से खुशी है कि बारह छात्रों में से छह लड़कियां हैं। मुझे उम्मीद है कि यह अन्य छात्रों को विशेष रूप से विश्वविद्यालय की छात्राओं को विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप से सम्मानित 12 शोधार्थी
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप से सम्मानित होने वालों में नदीम अहमद सिविल इंजीनियरिंग, मोहम्मद एरिज इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मोहम्मद मसूद बायोटेक्नोलॉजी,
गुलनाज़ तबस्सुम बायोटेक्नोलॉजी, आयशा ऐमन बायोसाइंसेज, सकीना मसरत भौतिकी, मुदासिर यूनिस सोफी भौतिकी, शाह मशीरुल आलम भौतिकी, शैली भारद्वाज केमिस्ट्री, स्नेहा शुक्ला केमिस्ट्री, अब्दुस समद सीआईआरबीएससी 12, नुहा अबीर खान MCARS के नाम शामिल हैं।
व्यक्तिगत रूप से फेलोशिप राशि होगी प्राप्त
सभी 12 शोधार्थियों को व्यक्तिगत रूप से फेलोशिप राशि प्राप्त होगी। उन्हें पहले दो साल के लिए 70,000 रुपये, तीसरे साल के लिए 75,000 रुपये, चौथे और पांचवें साल के लिए 80,000 रुपये की फेलोशिप मिलेगी। इसके अलावा, प्रत्येक छात्र को 2 लाख रुपये प्रति वर्ष का शोध अनुदान भी मिलेगा। जो कि पीएमआरएफ के तहत पांच साल के लिए कुल 10 लाख रुपये है। प्रधान मंत्री रिसर्च फेलोशिप, पीएमआरएफ को 2018 से 2019 के केंद्रीय बजट में पेश किया गया था। पीएमआरएफ के पीछे का उद्देश्य देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार करना है।