हिंदी पट्टी में अपने पाठकों का अपार लीलाप्रेम देखते हुए अमर उजाला ने वर्ष २०११ में रामलीला अवार्डस की एक अनूठी पहल की थी। अनूठी इस अर्थ में कि पहली बार देश के किसी संस्थान ने रामलीला के अभिनेताओं के लिए अवार्ड तय किए थे।
उद्देश्य यह था कि रामलीलाओं का मूल्यांकन उनके बजट या बाहरी तड़क-भड़क के आधार पर न हो। बल्कि उनके कलाकारों के अभिनय और लीला की सच्ची, सादी और सात्विक प्रस्तुति के आधार पर हो।
जिस तरह पिछले साल हमने एनसीआर में दर्जनों लीलामंचों से कुछ हीरे तलाशे थे, वैसे ही इस बार भी अमर उजाला की ज्यूरी तैयार है। अगले सप्ताह नवरात्र के साथ ही आरंभ होगी राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण की सबसे प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले मंच कलाकारों की हमारी खोज।
साथ ही इस बार हम कुछ नए अवार्डस भी घोषित कर रहे हैं। आइए एक नजर डालते हैं उन १२ श्रेणियों पर, जिनमें इस सीजन के अमर उजाला रामलीला अवाड्र्स दिए जाएंगे:
सर्वोत्तम अभिनय
मर्यादा पुरुषोत्तम
ऐसा पात्र, जिसमें सच्चा साक्षी भाव होगा, जो नाटक करते हुए भी नाटक करता नहीं दिखेगा, जिसका अभिनय होगा धीर और गंभीर।
गरिमा, क्षमा, संस्कार और प्रेम की प्रतिमूर्ति सा दर्शनीय, जिसके दर्शन भर से हाथ जुड़ जाएंगे। जो पराक्रम, तप और सौंदर्य का पुंजीभूत रूप होगा। ऐसे किरदार की होगी हमारी टीम को तलाश।
माता जानकी
ऐसी अभिनेत्री जो सीता की वेदना, निश्छलता और वियोग भाव को पूरी सात्विकता से अभिमंचित करे। जो एक सुहागन के मान, स्वाभिभान, समर्पण और तपस्या का जीवंत रूप हो। जो लीलाप्रेमियों के मन में बस जाए। जो रामकथा के इस मुख्य स्त्री पात्र को संपूर्ण गरिमा में जीने में सक्षम हो।
लक्ष्मण
ऐसा किरदार जो आग भी हो और पानी भी हो। जिसमें चंचलता भी हो और गंभीरता भी। जिसकी शोभा और जिसका तेज राम के समक्ष कम न होता हो। जो बड़े भाई के प्रति भक्तिभाव को साक्षात जीवंत कर दे। जो सेवा भाव को ऐसे निभाए कि दर्शक भूल न पाएं।
महाबली हनुमान
शरीर सौष्ठव के साथ-साथ जो अपनी बुद्धिमत्ता से भी दर्शकों को अभिभूत कर दे, जिसकी वाणी, जिसके दर्शन, जिसके उद्गार- सब कुछ भय को तिरोहित करने वाले हों। ऐसी पावन मूर्ति को मंच पर प्रस्तुत करने वाले कलाकार की होगी अमर उजाला को तलाश।
लंकेश रावण
उसके अट्टाहास दसों दिशाओं को गुंजाने वाले होंगे। वह राम का विलोम होगा। भयावह, प्रबल और विद्वान होगा। वह लीला का केंद्र बनने की योग्यता रखेगा। दर्शक उसके मंच पर आने की प्रतीक्षा करेंगे। रामकथा के इस सबसे बड़े खलनायक का पात्र निभाने वाले कलाकार पर रहेंगी निगाहें।
सर्वोत्तम रामकथा गायन और संगीत
ऐसा संगीत और ऐसा गायन जिसमें आंचलिकता और चौपाल की सुगंध हो। जिसमें फिल्मी गानों की मिक्सिंग और शोर शराबा न हो। जो रामकथा की तरह सच्चा और प्रेरक हो। जो श्रद्धा जगाए, पावन भावनाओं का सृजन करे और जिसे सुनकर श्रोता भावविह्वल हो उठें।
सर्वोत्तम पटकथा और संवाद
रामकथा की ऐसी प्रस्तुति जो दर्शकों को बांध कर रखे। जिसमें अनावश्यक विराम न हों। जिन्हें बार बार सुनने को मन चाहे। जो समझने में सरल हों। जो गूढ़ न होते हुए भी गहरी बातें समझाएं। जनसाधारण और विद्वानों को एक साथ रिझाने वाले संवादों की तलाश रहेगी अमर उजाला टीम को।
सर्वश्रेष्ठ लीला व्यवस्था
हजारों-लाखों दर्शकों को संभालने और ठीक से बिठाने की व्यवस्था कैसी है? पंडाल के भीतर आवाजाही कितनी सुगम है? सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और मेला प्रबंधन कैसा है? पार्किंग से लेकर लाउडस्पीकर के इंतजाम तक- सब पर होगी ज्यूरी की नजर।
सर्वश्रेष्ठ मंच व्यवस्था
रामलीला का बजट छोटा हो या बड़ा, मंच नन्हा हो या विशाल- इससे फर्क नहीं पड़ता। देखना यह है कि मंच जैसा भी है उसका संचालन कैसा है? पात्रों के आने जाने, संगीत की कदमताल और मंच पर रोशनी की व्यवस्था कैसी है। मंच की प्रस्तुति में नया क्या है, आविष्कारपूर्ण क्या है? इन सब मापदंडों पर दिया जाएगा यह अवार्ड।
विशेष समर्पण अवार्ड
कुछ लीला प्रेमी होते हैं जो बिना कोई पारिश्रामिक लिए, बिना किसी पुरस्कार के, दो सप्ताह के लिए अपना घर बार, व्यापार या नौकरी सब कुछ भूल जाते हैं। ऊंचे-ऊंचे ओहदे छोड़कर जो लोग रामकथा के अमृत में डूबने आ जाते हैं उनको सलाम करने की कोशिश है यह अवार्ड। हर जोन में ऐसी हस्तियों की होगी तलाश।
लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
जिनकी जिंदगी रामलीला के पात्र निभाते गुजर गई। जिन्होंने कई दशक रामलीला के मंच की सेवा में गुजार दिए। रामलीला मंचन की फील्ड में जिनका नाम सब जानते हों - ऐसे रामभक्त हर शहर में मिलते हैं। अमर उजाला ऐसे उम्रदराज कलाकारों को तलाशेगा और सम्मानित करेगा।
सर्वश्रेष्ठ चौपाई वाचन
रामलीला तो सब आयोजित करते हैं लेकिन मानस की चौपाइयों का सही उच्चारण और गायन सब नहीं कर पाते। अमर उजाला खोजेगा ऐसे कंठों को, जो मंत्रमुग्ध कर देंगे। जो संवादों के बीच के विराम को अपने रागरंग से अमृतमय कर देंगे। जिन्हें सुनकर श्रोता विभोर हो जाएंगे। जो पूरी शास्त्रीयता और सात्विकता से चौपाइयां प्रस्तुत करेंगे।
(इच्छुक रामलीला समितियां भागीदारी के लिए संपर्क करें----अवनीश सिंह : 9711985167)
यह अवार्ड प्रतियोगिता सिर्फ फरीदाबाद-पलवल, गुडग़ांव, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर क्षेत्र की रामलीलाओं के लिए है।