नगर निगम शिमला के अफसर भी कमाल करते हैं। अभी कुछ दिन पहले ही पानी की बर्बादी को लेकर एक अभियान शुरू करने का दावा किया।
यह अभियान शुरू हुआ भी लेकिन कुछ ही दिन में इसकी हवा भी निकल गई। हुआ यूं कि नगर निगम ने पानी की बर्बादी करने वालों को चेतावनी दी थी कि उनके कनेक्शन काट लिए जाएंगे।
बाद में निगम के अफसर खुद फील्ड में भी गए। कई कनेक्शन भी काटे गए। लेकिन अफसर लोग ये भूल गए कि ये चुनावी मौसम है।
कार्रवाई अभी शुरू ही हुई थी कि लोगों ने नेताओं को शिकायत कर दी। फिर क्या था एक के बाद एक नेता के फोन अफसरों को आने लगे।
सबने यही कहा, चुपचाप बैठ जाओ, अब हमारे वोट बैंक पर असर पड़ा तो तुम सबका कनेक्शन हम काट देंगे। महज चंद दिनों चली यह मुहिम एकाएक ठंडी पड़ गई।