गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगाकर मोक्ष की कामना करने वालों को यह सुनकर थोड़ा झटका लग सकता है कि प्रयाग में सरस्वती कभी बहती ही नहीं थी। यह दावा किसी इतिहासकार का नहीं बल्कि इसरो के वैज्ञानिकों का है। आप वैज्ञानिकों के दावे को कितना सही मानते हैं, अपनी राय दीजिए