पुलिस मामले की जांच में जुटी
आईजीआई एयरपोर्ट के पुलिस अधिकारियों के अनुसार होटल प्रबंधन ने कहा कि आरोपी का कुल बिल 58 लाख रुपये है। इनमें से 45 लाख रुपये किराया तो सिर्फ कमरे का है। ऐसे में पुलिस अधिकारी होटल के कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही होटल के कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
होटल स्टाफ की मिलीभगत की आशंका
पुलिस को शुरूआती जांच में पता लगा है कि आरोपी अंकुश दत्ता होटल में कार्यरत एक अधिकारी प्रेम की मिली भगत सामने आ रही है। पता लगा कि उसने आरोपी को होटल में रहने दिया और बिना बिल के जाने दिया। प्रेम प्रकाश को ही होटल के कमरों की कीमत तय करने और सभी अतिथियों के बकाया बिल का पता करने की जिम्मेदारी थी। इसमें प्रेम के साथ अन्य कर्मचारियों पर भी आरोपित से मिलीभगत का संदेह जाहिर किया गया है।
बुकिंग को आगे बढ़ाता गया आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने पहली बार 30 मई, 2019 को रात में होटल में एक कमरा बुक कराया था। इसे 31 मई को चेक आउट करना था। इसके बाद आरोपी बुकिंग को आगे बढ़ाता रहा। वह 22 जनवरी, 2021 तक होटल में रहा। बताया जा रहा है कि होटल के नियमों के अनुसार 72 घंटे से ज्यादा वक्त तक अगर कोई अतिथि बिल का भुगतान नहीं करता है तो इसकी जानकारी अधिकारियों को देनी होती है। मगर इस मामले में आगे कोई खबर नहीं दी गई।
आईजीआई जिला पुलिस उपायुक्त देवेश मेहला का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में जिस किसी की भी भूमिका सामने आएगी उसके खिलाफ खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है। आरोपी ने खुद को गोवाहटी, असम निवासी बताया था।