नई दिल्ली। द्वारका कोर्ट ने 25 साल पुराने मर्डर केस में दो आरोपियों पप्पू यादव और सकिंदर कुमार उर्फ सक्की को बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीपक वासन ने कहा कि इस केस में पुलिस ने ठोस सबूत पेश नहीं किए। फैक्टरी को किराये पर देने वाले मुख्य गवाह रणबीर सिंह आरोपियों को पहचानने से मुकर गए। मृतक के परिवार से भी कोई मजबूत बयान नहीं आया। साथ ही, कोई गवाह नहीं था जो आखिरी बार मृतक को आरोपियों के साथ देखे। शव की पहचान भी सही से नहीं हो पाई और पोस्टमार्टम भी अज्ञात शव पर किया गया था। अदालत ने कहा कि अगर तीसरा आरोपी विजय यादव पकड़ा जाता है, तो मामला फिर से खोला जा सकता है। अदालत ने आरोपियों को 30,000 रुपये की जमानत पर रिहा किया। संवाद