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डॉक्टरों से करोड़ों की ठगी में तीन दबोचे

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नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने डॉक्टरों से करोड़ों की ठगी के आरोप में नोएडा के सेक्टर 46 निवासी भानु प्रताप सिंह, सेक्टर 61 निवासी राहुल राघव और सेक्टर 21 निवासी मिलन शर्मा को गिरफ्तार किया है। उन्होंने एक कंपनी मेें डीमेट खाता खुलवाकर उनके शेयर ट्रांसफर कराए और फिर उनके खाते में अनधिकृत लेन-देन कर करोड़ों की कमाई की।
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ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातकोत्तर भानु प्रताप हाई नेटवर्थ इनकम सेल्स का उपाध्यक्ष है। मिलन शर्मा वित्त विशेषज्ञ व सलाहकार है। वह कई टीवी कार्यक्रमों में भी शामिल होता है। राहुल राघव सबब्रोकर है और आरोपी कंपनी में पाटर्नर है।
डॉ. अनमोल मारिया और अन्य ने वर्ष 2018 में शाखा को दी शिकायत में बताया था कि हाई नेटवर्थ इनकम सेल्स के उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह और मास्टर कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (एमसीएसएल) के राहुल राघव, हरिंदर सिंह, जीशान अरोड़ा, विरेंद्र अरोड़ा व फाइनेंशियल एडवाइजर मिलन शर्मा ने उन्हें डीमेट और ट्रेडिंग खाते खोलने के लिए प्रेरित किया। एमसीएसएल में डीमेट खुलवाकर उन्होंने नवंबर-2015 में अपने 8.52 करोड़ रुपये के शेयर कंपनी में स्थानांतरित कर दिए।
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शिकायत के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों ने अनधिकृत व्यापार करना शुरू कर दिया। उनके शेयरों को दांव पर लगाकर उन्होंने लगभग 3.60 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। आरोपियों ने खुद भी ब्रोकरेज के नाम पर मोटी रकम रखी। इसके बाद शिकायतकर्ता को फर्जी हस्ताक्षर कर उपदलाल नियुक्त कर दिया।
जांच मेें पता चला कि आरोपी ईमेल भेजकर डॉक्टरों को जल्द ही भारी मुनाफे के झूठे आश्वासन देते रहे। भानुप्रताप ने कंपनी के पहचान पत्र का इस्तेमाल किया, लेकिन खुद के कंपनी का कर्मचारी होने से इनकार किया। उसने कंपनी के ईमेल का भी इस्तेमाल किया। सबूत मिलने के बाद शाखा ने शनिवार को तीनों को पूछताछ के लिए कार्यालय में बुलाया। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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