अब तीन तलाक के लिए एसएमएस भी तीन भेजने होंगे। दरगाह-ए-आला हजरत में शरई कौंसिल की बैठक में यह फैसला किया गया। कौंसिल ने हेयर ट्रांसप्लांट को जायज ठहराया है।
काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उलमा ने कहा, एसएमएस भी खत व किताब की तरह अपनी बात कहने का जरिया है। जिस तरह खत और किताब कलाम के दर्जे में है, उसी तरह एसएमएस भी है। चाहे फिर वह व्हाट्सएप पर भेजा गया मैसेज क्यों न हो।
एसएमएस या व्हाट्सएप मेसेज के माध्यम से कारोबार के बारे में उलमा ने कहा कि यह मान्य है। ऑनलाइन ट्रांसफर से जकात करना भी ठीक है, हालांकि इसके लिए एसएमएस का पहुंचना जरूरी है। हेयर ट्रांसप्लाट को जायज ठहराते हुए उलमा ने भौंहे के बाल नुचवाकर उन्हें सेट कराना (मूंड़ाना) नाजायज बताया।
हालांकि भौंहों को छांटना जायज है। जमात-रजा-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां ने बताया कि यह फैसला तीन दिवसीय सेमिनार में शरीयत के हिसाब से लिया गया है।