कुदरती खूबसूरती देने के साथ वसंत विहार-वसंत कुंज-महिपालपुर में 692 एकड़ में फैला डीडीए का अरावली जैव विविधता पार्क हर साल करीब 15 करोड़ रुपये की कमाई भी कर रहा है। यह आमदनी पार्क के सिर्फ 15-18 साल पुराने वृक्षों की ही है।
हालांकि, आय सीधे तौर पर नकदी में नहीं है। हरियाली हवा से प्रदूषकों को हटाकर और धरती में पानी जमा कर अपना काम कर रही है। इसका आकलन पार्क के वैज्ञानिकों व दिल्ली विश्वविद्यालय के बिजनेस इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट के शोधार्थियों ने किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी यह शुरुआत है। आगे करीब तीन हजार एकड़ मे फैले दिल्ली के सभी सात जैव विविधता पार्कों की आर्थिक कीमत निकाली जाएगी। इससे हमें पता चलगा कि पेड़-पौधे धन वर्षा भी करते हैं।
आकड़ों से पता चलता है कि पार्क में 15-18 साल पुराने 2,02,100 पेड़ों में करीब 9,107.90 टन कार्बन जमा है। हर साल इनमें 1,253.07 टन अतिरिक्त कार्बन जमा होता है। इसकी कीमत क्रमश: 12.35 करोड़ रुपये 1.69 करोड़ है। जबकि यह वृक्ष हर साल 14.627 टन प्रदूषकों को भी हटाते हैं।
इसकी कीमत 1.84 करोड़ के बराबर है। दूसरी तरफ इनसे हर साल करीब 1,10,977 घन फीट भूजल रिचार्ज होता है। इसकी कीमत करीब 5.89 लाख रुपये बैठती है। इस लिहाज से अरावली के पेड़ 15 करोड़ रुपये बचा रहे हैं।
दिल्ली के सातों जैव विविधता पार्क के इंचार्ज डॉ. फैय्याज खुदसर के मुताबिक, जैव विविधता हवा से कार्बन हटाने का काम करती है। प्रदूषण से घिरे शहरों के लिए हरियाली जीवनदायी हो सकती है। दिल्ली के सिर्फ एक पार्क के विशेष आयु वर्ग के पौधे अगर इतने फायदेमंद हो सकते हैं, तो 3,000 एकड़ में फैले सात जैव विविधता पार्क के पूरे नेटवर्क की कीमत समझ में आती है, जबकि डीयू की बिजनेस इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट की प्रोफेसर यामिनी का कहना है कि अभी शुरुआत हुई है। अब 15 साल से कम उम्र के पौधे व एक सेमी से मोटे तने वाली झाड़ियां, शाक, घास और मृदा कार्बन का आर्थिक मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके बाद सभी पार्कों की आर्थिक कीमत निकाली जाएगी।
अमेरिकी तकनीक का लिया गया सहारा
आर्थिक मूल्यांकन में वैश्विक मॉडल आई-ट्री इको सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका के कृषि विभाग का सॉफ्टवेयर सूट से पेड़ों की मोटाई व उसके छत्रक आदि को मापने में हुआ। इसके लिए पार्क में 72 प्रजातियों के कुल 829 पेड़ों के नमूने लिए गए। सैंपलिंग डाटा के आधार पर अरावली जैव विविधता पार्क के 500 एकड़ में पूरी तरह से उगाए गए पेड़ों की कुल संख्या 2,02,100 पेड़ हैं।
डीडीए के सात पार्क 3000 एकड़ में हैं
डीडीए के पास अब 3000 एकड़ के क्षेत्र में फैले 7 जैव विविधता पार्कों का नेटवर्क है। इसमें 75-100 वन समुदायों में रहने वाले पौधों और जानवरों की 2,500 प्रजातियों हैं। पेड़ों की ऊंचाई 45 फीट तक की है। इनमें से अरावली जैव विविधता पार्क की 20 साल पहले शुरू हुई थी। इसमें विकसित वनस्पति लगभग 15-18 वर्ष पुरानी है। यह 692 एकड़ में फैला है।