नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह लावारिस कुत्तों में 2030 तक रेबीज उन्मूलन की कार्ययोजना लागू करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर अपना जवाब दाखिल करे। न्यायमूर्ति दिनेश मेहता और न्यायमूर्ति रजनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने न्यायमित्र गौरी मौलेखी द्वारा दाखिल की गई कार्ययोजना पर सरकार से जवाब मांगा। अदालत ने कहा कि ये अच्छा सुझाव और सिफारिश हैं। इन्हें कैसे लागू किया जाए, इस पर विचार करें। दिल्ली सरकार के वकील को चार सप्ताह का समय दिया गया है ताकि वे निर्देश प्राप्त कर जवाब दाखिल कर सकें। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के अनुपालन की निगरानी के लिए दायर स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पर चल रहा है, जिनमें शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों आदि परिसरों से लावारिस कुत्तों को हटाने का आदेश दिया गया था। पिछले महीने अदालत ने एमसीडी और एनडीएमसी को अपने क्षेत्र में एक-एक वार्ड चुनकर लावारिस कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया था। ब्यूरो