गुरुग्राम में रायन इंटरनेशनल स्कूल मर्डर केस सामने आने के बाद जांच हुई तो स्कूल की सुरक्षा में कई खामियां मिली। इससे न केवल जांचकर्ता बल्कि बच्चों के अभिभावक भी चिंतित हो गए।
विज्ञापन
आरोपी अशोक
गुरुग्राम जिला प्रशासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम को जब जांच के लिए भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल पहुंची तो ये खामियां सामने निकल कर आई। इनकी वजह से प्रद्युम्न की हत्या हुई। टीम ने जिला उपायुक्त को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि स्कूल में सुरक्षा में कई खामियां हैं। इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उपायुक्त की ओर से इसकी रिपोर्ट हरियाणा शिक्षा निदेशालय और माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेजी गई है। शिक्षा निदेशक की ओर से स्कूल प्रशासन को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया है।
तीन सदस्यीय टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि स्कूल में सुरक्षा के माकूल बंदोबस्त नहीं थे। स्कूल की चारदीवारी टूटी हुई है। इससे कोई भी बेरोक-टोक आ सकता है। जिस टॉयलेट में प्रद्युम्न की हत्या हुई, वह एक कॉमन टॉयलेट था। इसे बच्चों के अलावा शिक्षक और अन्य स्पोर्टिंग स्टाफ इस्तेमाल करता था। टॉयलेट में रोशनदान और खिड़कियां भी टूटी हुई थीं। इससे कोई भी बाहरी व्यक्ति अंदर प्रवेश कर सकता है।
सीसीटीवी भी गलत जगहों पर लगाया गया। इससे बच्चों का चेहरा कैमरे में कैद होने की बजाय पीठ ही आती है। ऐसे में बच्चों या किसी और को पहचानना मुश्किल है। टीम ने पाया कि स्कूल के अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुके थे। इसके बावजूद रीफिलिंग नहीं कराई गई। यह बड़ी खामी है। स्कूल के अंदर रैंप की भी सुविधा नहीं थी, जबकि इस पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश है। इसके बावजूद स्कूल ने लापरवाही की है।
उपायुक्त विनय प्रताप ने बताया है कि टीम की रिपोर्ट में सुरक्षा में मुख्य रूप से पांच खामियां पाई गई हैं। इसके अलावा कुछ और खामियों की ओर भी इंगित किया गया है, जो स्कूल के लिए बिल्डिंग नॉर्म्स के खिलाफ हैं। ऐसे में स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इसमें स्कूल की मान्यता रद्द करने, स्कूल का अधिग्रहण कर शिक्षा विभाग द्वारा चलाने और हरेक खामी पर 25 हजार रुपये जुर्माना करने की सिफारिश की गई है। आगे की कार्रवाई निदेशालय को करनी है।
- स्कूल की मान्यता रद्द करने और अधिग्रहण कर सरकार द्वारा चलाने की सिफारिश
- प्रशासन की टीम को पांच बिंदुओं पर मिली हैं खामियां