दिल्ली महिला आयोग ने आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस पर उठाए सवाल, दिया नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास विभाग में उपनिदेशक प्रेमोदय खाका के किशोरी से दुष्कर्म के मामले में सोमवार को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल व दिल्ली पुलिस में टकराव हुआ। आयोग व दिल्ली पुलिस ने एक-दूसरे को अपनी ताकत दिखाई। आयोग ने एफआईआर दर्ज होने के आठ दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस पर सवाल खड़ा करते हुए उसे नोटिस जारी किया। वहीं पुलिस ने स्वाति मालीवाल को अस्पताल में भर्ती किशोरी से नहीं मिलने दिया। इसके विरोध में उन्होंने अस्पताल में धरना देना शुरू किया।
स्वाति मालीवाल ने दुष्कर्म के मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर 23 अगस्त तक कार्रवाई रिपोर्ट उपलब्ध कराने का फरमान दिया। इसके बाद वह अस्पताल में भर्ती किशोरी सेे मिलने गईं, लेकिन वहां सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें किशोरी से मिलने नहीं दिया। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों व उनके बीच काफी देर तक बहस हुई, मगर उन्हें किशोरी से मिलने नहीं दिया गया। इस प्रकरण से गुस्साईं स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि वह आरोपी को बचाने में लगी हुई है। इस कारण पहले आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया, वहीं अब पुलिस उनको अस्पताल में भर्ती पीड़ित किशोरी से मिलने नहीं दे रही, मगर वह हर हाल में पीड़िता से मिलेंगी और पीड़िता व परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करेंगी। लिहाजा वह पीड़िता से नहीं मिलने के विरोध में धरने पर बैठ रही हैं। उनसे मिलने के बाद ही वह अस्पताल से जाएंगी।
दूसरी ओर उन्होंने इस मामले में दिल्ली सरकार से अधिकारी के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। आयोग ने अधिकारी के खिलाफ पहले की गई किसी भी शिकायत का विवरण और उस पर की गई कार्रवाई की भी जानकारी उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। वहीं उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष और कुछ भाजपा नेताओं पर आरोपी को डीसीडब्ल्यूडी का कर्मचारी करार देने के मामले में झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फर्जी खबरें फैलाने और आयोग को बदनाम करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।