इंसानों के साथ कृषि क्षेत्र में दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पारंपरिक चिकित्सा को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने पौधों से फाइटो-न्यूट्रिएंट्स तत्व लेकर एक ऐसा पोषक आहार तैयार किया है, जिसके सेवन से दुधारू पशुओं में प्रजनन स्वास्थ्य बेहतर होगा।
मौसमी संक्रामक बीमारियों से उनकी रक्षा करेगा। साथ ही साथ पशुओं के दूध की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तकनीक दुधारू पशुओं के लिए ही नहीं बल्कि उनके पालक किसानों को भी बड़ा फायदा देने वाली है।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित भारतीय पशु अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के शोधकर्ताओं ने पशुओं के आहार में खनिज और प्रोटीन शामिल करने के लिए पहली बार फाइटो-न्यूट्रिएंट्स का इस्तेमाल किया है जिसे सामान्य तौर पर पौधों से प्राप्त किया जाता है। यह तत्व प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा करते हैं और इम्युनिटी बूस्टर के रूप में पहचाना जाता है।
उत्पादन के लिए सौंपी तकनीक
आईवीआरआई की इस तकनीक को किसानों तक पहुंचाने के लिए केंद्रीय पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला की अध्यक्षता में एमिल फार्मास्यूटिकल्स को हस्तांतरित की गई। शोधकर्ताओं का दावा है कि यह आहार मौजूदा उपलब्ध आहारों की तुलना में ज्यादा प्रभावी और कम लागत वाला साबित होगा।