केजरीवाल ने मायापुरी फेज-दो के खजान बस्ती में किया आरओ एटीएम का शुभारंभ
जहां टैंकर से पानी की सप्लाई होती है, वहां वाटर एटीएम लगाए जाएंगे
हर व्यक्ति को वाटर एटीएम कार्ड, प्रतिदिन 20 लीटर फ्री पानी ले सकेगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार हर घर तक साफ पानी पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर मिशन मोड में काम कर रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जगह-जगह आरओ एटीएम भी लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को मायापुरी फेज-दो के खजान बस्ती में आरओ एटीएम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर घर तक साफ पानी पहुंचाने के मिशन में वाटर एटीएम का अनूठा प्रयोग भी कर रहे हैं। जहां-जहां टैंकर से पानी देना पड़ता है, वहां वाटर एटीएम शुरू किए जाएंगे। लिहाजा अमीर लोगों की तरह अब दिल्ली के गरीब लोग भी आरओ का साफ पानी पिया करेंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत खजान बस्ती के अलावा शकूरबस्ती, कालका और झड़ौदा में आरओ प्लांट शुरू हो चुके हैं और इस तरह के 500 आरओ प्लांट लगाए जाएंगे। हर व्यक्ति को वाटर एटीएम कार्ड दिया जाएगा, जिसकी मदद से वह प्रतिदिन 20 लीटर फ्री पानी ले सकेगा। उन्होंने कहा कि कई इलाके बहुत ज्यादा घनी आबादी वालेे हैं, कई इलाकों में टैंकर से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति की जाती है। कई कारणों से ऐसे इलाकों में पानी की पाइप लाइन नहीं डाली जा सकती। ऐसे इलाकों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति के लिए तकनीक का इस्तेमाल कर नया तरीका निकाला है। जिन इलाकों में भूजल स्तर ऊंचा होगा, वहां पर ट्यूबवेल लगाए जाएंगे और ट्यूबवेल के पानी की आरओ के माध्यम से सफाई की जाएगी। इसके बाद आरओ का पानी लोगों को दिया जाएगा। इसके लिए लोगों को वाटर एटीएम (कार्ड) जारी किया गया है।
जल मंत्री सौरभ भारद्वाज व दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सोमनाथ भारती ने कहा कि दिल्ली में 93 फीसदी इलाकों में दिल्ली जल बोर्ड की लाइनें बिछा दी गई हैं। बाकी सात फीसदी वे इलाके हैं जो बहुत घने हैं और उनमें पानी की लाइन बिछाना बहुत मुश्किल है। उन इलाकों के लिए आरओ प्लांट के जरिये शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
आरओ प्लांट में तीन-तीन हजार लीटर के दो टैंक
आरओ प्लांट में तीन-तीन हजार लीटर के दो टैंक बने हैं। आरओ से फिल्टर होकर पानी एक के बाद दूसरे टैंकर में जाता है। सेंट फिल्टर से होकर पानी माइक्रो फिल्टर में जाता है। माइक्रो फिल्टर से पानी हाई प्रेशर पंप रूम में जाता है। पूरा फुलप्रूव सिस्टम है। इस दौरान 70 फीसदी पानी का उपयोग हो जाता है, जबकि 30 फीसदी पानी बर्बाद होता है। इस 30 फीसदी पानी का भू-रिचार्ज में उपयोग किया जाता है।