14 अप्रैल को दो बदमाशों ने भाजपा नेता सुरेंद्र मटियाला की उनके कार्यालय में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में काफी आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस टीम बाकी फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पता लगा कि गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू ने इस वारदात को अंजाम दिया है। यह भी पता चला कि कपिल ने गांव छारा, झज्जर निवासी रोहित के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी।
रोहित छारा ने सोहित, योगेश, सुनील उर्फ सिला, विवेक और अन्य को शामिल किया। यह भी पता चला कि कपिल क्षेत्र में अपनी उपस्थिति, जबरन वसूली के उद्देश्य से गिरोह की कमजोर होती छवि को पुनर्जीवित करने और प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्यों को खत्म करने के लिए अपने गिरोह में नए शूटर भर्ती कर रहा है। पुलिस टीम ने हरियाणा, राजस्थान, यूपी और उत्तराखंड में उनके कई जगहों पर छापेमारी की। फरार आरोपी की पहचान गांव चारा, जिला झज्जर, हरियाणा निवासी सुनील उर्फ सिल्ला के रूप में हुई। एसीपी वेदप्रकाश की देखरेख में इंस्पेक्टर अरविंद व कृष्ण कादयान की टीम ने उसे रोहिणी से गिरफ्तार कर लिया।
सरोजनी नगर में रहकर रची थी हत्या की साजिश
अविवाहित सुनील ने एमडीयू, रोहतक, हरियाणा से स्नातक किया हुआ है। उसके माता-पिता गांव में रहते हैं और उसका भाई अनिल गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में काम करता है। आरोपी रोहित उर्फ छारा उसका सहपाठी था और वह पिछले एक साल से उसके संपर्क में था। रोहित ने उसे गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू से मिलवाया था। उसने बताया कि नंदू ने उसे द्वारका, दिल्ली के सुरेंद्र मटियाला को खत्म करने के लिए कहा है। इसके बाद, रोहित, सुनील उर्फ सिल्ला और उनके अन्य साथियों ने सरोजिनी नगर के एक फ्लैट में रहकर सुरेंद्र मटियाला की हत्या की साजिश रची।
पुलिस से बचने को बदल रहा था ठिकाना
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी आगे की योजना अपने गांव के एक व्यक्ति की हत्या कर अपना निजी हिसाब बराबर करने की थी। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था और अपने मालिक कपिल सांगवान उर्फ नंदू के अगले निर्देशों का इंतजार कर रहा था।