नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट में सोमवार को सांसद योगेंद्र चंदोलिया के खिलाफ दर्ज पांच साल पुराने आपराधिक मामले की सुनवाई हुई। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल की अदालत में सुनवाई के दौरान वकीलों ने अदालत में नया वकालतनामा दायर किया। अदालत को यह भी बताया गया कि 18 अक्तूबर, 2025 को पारित आदेश के तहत अभियुक्त द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी गई है। थाना प्रसाद नगर के प्रभारी ने अदालत को भरोसा दिलाया कि समन की पूर्व देरी जैसी गलती अब दोबारा नहीं होगी। अदालत ने इस बार नरमी दिखाते हुए चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ऐसी चूक दोहराई गई, तो इसे वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। आरोपी के वकील ने सांसद योगेंद्र चंदोलिया को सोमवार की तारीख के लिए व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देने की मांग की, जिसे अदालत ने लिए मंजूर किया। अदालत ने गवाह वीर सिंह को बिना पूछताछ के बरी कर दिया, क्योंकि पिछली तारीख पर उसकी पूछताछ स्थगित कर दी गई थी। अदालत ने कहा कि गवाह राज कुमार और हेड कांस्टेबल राज कुमार को 17 नवंबर को प्रारंभिक पूछताछ के लिए तलब किया जाए।