नई दिल्ली स्थित अदालत ने घरेलू नौकरानी से दुष्कर्म करने के मामले में 23 वर्षीय युवक को सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने दिल्ली कानूनी सहायता बोर्ड को पीड़िता को तय नियमों के तहत मुआवजा प्रदान करने का भी निर्देश दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बबेजा ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष बिहार निवासी आरोपी प्रमोद का अपराध बिना शक साबित करने में सफल रहा है।
प्रमोद भी वहीं नौकरी करता था जहां पीड़िता नौकरी करती थी। उसने मालिक के घर में न होने का फायदा उठाकर पीड़िता को हवस का शिकार बनाया यह अपराध काफी गंभीर है।
सभी तथ्यों व आरोपी की वित्तीय हालत से यह स्पष्ट है कि वह पीड़िता को किसी भी प्रकार का मुआवजा प्रदान करने में असमर्थ है।
कानूनन पीड़िता मुआवजा पाने की हकदार है। आरोपी को सजा काटने के साथ तीन हजार रुपये जुर्माना भी चुकाना होगा।
दिल्ली कानूनी सहायता बोर्ड को तय प्रावधान के तहत पीड़िता को उचित मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया जाता है।