दिल्ली चुनाव में प्याज सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है।
दिल्ली सरकार को आयोग की ओर से प्याज बेचने की मंजूरी मिलने के बाद भाजपा ने भी इसकी अनुमति मांगी थी। आयोग ने भाजपा के आग्रह को खारिज कर दिया है।
चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि प्याज बेचने की मंजूरी किसी राजनीतिक दल, संगठन व व्यक्ति को नहीं दी जा सकती।
भाजपा एक राजनीतिक दल है। चुनाव आयोग निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है।
दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित या कांग्रेस को प्याज बेचने की मंजूरी नहीं दी।
उनके पास दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव का पत्र आया था। उन्हें सशर्त प्याज बेचने की मंजूरी दी गई है।