नोटः खबर एटा यूपी के लिए भी उपयोगी हो सकती है
भाई के साले को सबक सिखाने की नियत से उसके बेटे की अगवा कर हत्या...
-15 जनवरी को आरोपी ने गाजीपुर स्थित घर के पास से पांच साल के मासूम को किया अगवा, एटा के गांव जयसिंह पुर ले जाकर गला घोंटकर हत्या, शव को गांव में ही दफनाया
-पुलिस ने आरोपी को एटा के गांव से दबोचा, आरोपी की निशानदेही पर शव किया बरामद, आरोपी को दिल्ली लाई टीम, कर रही उससे पूछताछ
पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में एक शख्स ने अपने भाई के साले को सबक सिखाने की नियत से उसके पांच साल के मासूम बेटे को अगवा कर उसकी हत्या कर दी। आरोपी मासूम को यूपी के एटा जिला स्थित पिलुआ के गांव जयसिंहपुर ले गया। वहां मासूम की गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव को गांव के ही जंगल में ले जाकर दफना दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसकी पहचान सुनील कुमार (32) के रूप में हुई है। सोमवार देर रात को गाजीपुर थाना पुलिस की टीम ने इसकी निशानदेही पर शव को प्राप्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पुलिस आरोपी को लेकर दिल्ली आ गई है। शुरुआती जांच के बाद आरोपी सुनील ने खुलासा किया है कि इसे शक था कि इसके भाई मनोज की मौत के लिए उसके साले राजन व राजकुमार जिम्मेदार हैं। उनको सबक सिखाने की नियत से उसने राजन के बेटे की हत्या की।
पुलिस के मुताबिक राजन सिंह परिवार के साथ गुज्जर बस्ती, गाजीपुर में रहता है। इसके परिवार में पत्नी भूरी देवी और दो बेटे थे। घर के पास ही राजन का भाई राजकुमार व उसकी पत्नी पूजा रहती है। 15 जनवरी को अचानक राजन का पांच साल का बेटा घर के पास से गायब हो गया। काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो राजन ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी देखने पर पता चला कि राजन का बेटा उसके भाई राजकुमार की पत्नी पूजा के साथ गया है। पुलिस ने पूजा से पूछताछ की तो उसने बताया कि बच्चा उसके साथ आया था और घर के बाहर खेल रहा था। पुलिस ने दोबारा सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो एक शख्स बच्चे को ले जाता हुआ दिखा। राजन को दिखाया गया तो उसने फौरन बच्चे को ले जाने वाले शख्स को पहचान लिया। राजन ने बताया कि बच्चे को ले जा रहा शख्स सुनील है जो उसके जीजा मनोज का छोटा भाई है। छानबीन करने पर सुनील की लोकेशन एटा के पिलुआ थाना क्षेत्र के गांव जयसिंहपुर में मिली।
फौरन एक टीम को जयसिंहपुर गांव भेज दिया गया। वहां सुनील को दबोच लिया गया। शुरुआत में आरोपी ने मासूम को अपने साथ लाने की बात से इंकार किया, लेकिन बाद में उसने उसके अगवा कर हत्या करने की बात कबूल कर ली। सोमवार को मासूम का शव भी पुलिस ने बरामद कर लिया। सुनील ने बताया कि उसके भाई मनोज की शादी राजन व राजकुमार की बहन से हुई थी। शादी के बाद से उसके भाई मनोज की पत्नी से अनबन रहती थी। 2015 में अचानक संदिग्ध हालात में मनोज की मौत हो गई। सुनील को लगता था कि राजन, राजकुमार ने साजिश रचकर अपनी बहन की मदद से उसके भाई मनोज की हत्या की है। वह खुद दिल्ली में राजन के घर के पास किराए पर रहकर मजदूरी करता था। राजन की पत्नी भूरी देवी ने उससे 1500 रुपये भी लिये थे जो वह वापस नहीं कर रही थी। राजन को सबक सिखाने की नियत से उसने बेटे की हत्या की योजना बनाकर उसे अगवा किया। बाद में उसे गांव ले जाकर की हत्या कर शव को गांव के ही जंगल में दबा दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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शुजात आलम