नई दिल्ली। राजधानी में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सरकार ने जांच को दोगुना करने का निर्णय लिया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि सरकार आक्रामक जांच की रणनीति पर काम कर रही है। इससे संक्रमित मरीज़ के संपर्क में आए सभी लोगों की जांच होगी।जितनी जांच बढ़ेगी, संक्रमण उतना ही काबू में आएगा।
पत्रकारों से बात करते हुए जैन ने कहा कि प्रतिदिन 40,000 जांच का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त टेस्टिंग किट खरीदी जा रही है। हालांकि,अभी 10 से 15 दिनों का स्टॉक सरकार के पास मौजूद है।राजधानी में कोरोना के मामले के डबल होने की दर 85 दिन थी। बीते कुछ दिनों से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के केस लोगों की लापरवाही के कारण बढ़ रहे हैं। जब से अनलॉक शुरू हुआ है, लोग आपस में मिल रहे हैं। बिना सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए बाहर निकल रहे हैं।
सत्येंद्र जैन ने कहा कि केजरीवाल सरकार आक्रमक रूप से टेस्टिंग कर रही है। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति जांच से न बच सके। उन्होंने कहा कि राजधानी में रैपिड एंटीजन और आरटी पीसीआर दोनो टेस्ट किये जा रहे है।जिन लोगों में कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं ,उनकी आरटी पीसीआर टेस्ट के माध्यम से जांच की जा रही है, वहीं रैपिड एंटीजन टेस्ट में नेगेटिव आने वाले सभी लोगों का आरटी -पीसीआर टेस्ट भी किया जा रहा है।
सरकार का मंत्र ट्रेस, टेस्ट और आइसोलेट
जैन ने कहा कि सरकार का मंत्र है, संक्रमित को ट्रेस करना टेस्ट करना और आइसोलेट करना। यदि एक भी संक्रमित व्यक्ति ट्रेस नहीं हो पाता है ,तो वह कई लोगों में संक्रमण फैला सकता है। स्वास्थ्य विभाग आक्रमक रूप से सभी इलाकों में जांच कर रहा है। अधिक से अधिक लोगों की जांच हो सके इसके लिए सभी अस्पतालों और डिस्पेंसरी में भी जांच अवधि बढ़ा दी गई है। विभाग के पास 265 डिस्पेंसरी है,जिनमें अब सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक जांच होगी। 35 अस्पतालों में भी अवधि बढ़ा दी गई है।
मामले बढ़ रहे , लेकिन हालात काबू में
जैन ने कहा कि कुछ दिनों से मामले भले ही बढ़ रहे हों लेकिन दिल्ली में संक्रमण से हालात काबू में हैं रिकवरी दर अभी भी 90 फ़ीसदी के आसपास बनी हुई है और संक्रमण दर 10 फ़ीसदी से कम है। ऐसे में कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अगर सावधानी बरतें तो संक्रमण के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाई जा सकेगी।