नई दिल्ली। राजधानी में सीरो सर्वे का तीसरा चरण आज से शूरू हो जाएगा। सर्वे एक से पांच सितंबर तक चलेगा। सभी जिलों से 15 हजार से ज्यादा लोगों के बल्ड सैंपल लिए जाएंगे। इससे यह पता च़ल सकेगा कि अब कितने फीसदी लोगों में कोरोना संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी बन चुकी है। परिणाम के आधार पर दिल्ली की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस सर्वे में भी पहले की तरह ही हर इलाके और उम्र के लोगों के सैंंपल लिए जाएंगे। उन लोगों को शामिल नहीं किया जाएगा। जिनके नमूने पहले और दूसरे सर्वे में लिए गए थे। उन्होंने बताया कि उम्र के हिसाब से तीन वर्ग बनेेंगे। पहला 18 साल से कम उम्र में वाले,दूसरा 18 से 49 साल के बीच तीसरा 50 साल से ज्यादा उम्र में वाले। इस बार कोशिश की जाएगी कि अधिक सेे अधिक इलाकों में जाकर सैंपल लिए जा सकें। हालांकि,कुल कितने सैंंपल लेने हैं। इसका डाटा अभी तैयार नहीं किया गया है,लेकिन कोशिश रहेगी कि 15 हजार से ज्यादा लोगों को सर्वे में शामिल किया जाए।
राजधानी में पहला सीरो सर्वे एनसीडीसी से किया था। यह 26 जून से पांच जुलाई तक चला था। पहले सर्वे में करीब 24 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली थी। इसके बाद दिल्ली सरकार ने निर्णय लिया था कि हर माह सीरो सर्वे किया जाएगा। एक से सात अगस्त तक दूसरा सर्वे हुआ। इसमें 29 फीसदी लोगों में एंटीब़ॉडी मिली। इसको देखते हुए विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि इस बार यह आंकड़ा 40 तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक,दिल्ली अभी सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता से दूर है।
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर जुगल किशोर बताते हैं कि सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए 50 से 70 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिलना जरूरी है। उस हिसाब से दिल्ली अभी इससे दूर है। उन्होंने कहा कि सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बनने से बीमारी का फैलाव काफी कम हो जायेगा ,लेकिन ऐसा नहीं है कि संक्रमण पूर्ण रूप से समाप्त होगा।