दिल्ली चुनाव में प्रत्याशी अपने क्षेत्र में सिर्फ एक कार्यालय खोल पाएंगे।
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि एक से अधिक कार्यालय खोलने पर आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।
हालांकि राजनीतिक दलों ने इसकी संख्या बढ़ाने की मांग की है।
दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय देव ने बताया कि चुनावों के दौरान अब प्रत्याशियों का सिर्फ एक कार्यालय होगा।
वह भी व्यावसायिक स्थान पर। इसका खर्च चुनावी खर्च में जुड़ेगा। किराया बाजार के रेट के हिसाब से प्रत्याशी के खाते में जाएगा।
उन्होंने बताया कि अगर कोई समर्थक अपने घर से कार्यालय चलाता है तो उसे भी आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।
कार्यालय पर लगने वाले होर्डिंग्स का साइज भी तय किया गया है।
इसके साथ ही चुनाव कार्यालयों की वीडियोग्राफी होगी।
अगर कोई आपत्तिजनक गतिविधि मिली तो उसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा और कार्रवाई होगी।