नई दिल्ली (ब्यूरो)। अदालत ने दिल्ली पुलिस के सबइंस्पेक्टर पर अपनी मातहत महिला एएसआई को जबरन अश्लील फिल्म दिखाने और उससे छेड़छाड़ के मामले में आरोप तय किया है। आरोपी पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त कार्यालय में तैनात था। तीस हजारी स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एकता गाबा की अदालत ने कहा कि एसआई मुकेश कुमार (अब इंस्पेक्टर) के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला बनता है। अदालत ने कहा कि आरोपी पर महिला की गरिमा गिराने अथवा अपमान करने का मामला भी बनता है, क्योंकि उसने महिला सहकर्मी को जबरन अश्लील फिल्म दिखाई। अदालत ने आरोपी की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें उसने मामले को झूठा बताया था। आरोपी की दलील थी कि उसने महिला एएसआई के देरी से आने की शिकायत की थी, इसलिए उसने उसे झूठे मामले में फंसा दिया। निचली अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आधार पर कहा कि कार्यस्थलों पर महिला का यौन शोषण लिंग समानता और जीवन और स्वतंत्रता के उनके अधिकार का उल्लंघन है। इससे उनके पेशे और रोजगार के अधिकार का भी हनन होता है।