नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने गीतिका आत्महत्या मामले में अभियुक्त हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा को जमानत देने से इंकार कर दिया। कांडा ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए तर्क रखा कि गीतिका भावुक मानसिकता की थी और हमेशा उलझन में रहती थी जो उसकी आत्महत्या का कारण बना। न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी ने कांडा के वकील व पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सालीसीटर जनरल सिद्धार्थ लूथरा के तर्क सुनने के बाद अपने संक्षिप्त फैसले में जमानत आवेदन खारिज कर दिया। अदालत ने कहा वे अपना विस्तृत फैसला बाद में देगी। इससे पूर्व अदालत ने कांडा के अधिवक्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि आपको सेशन कोर्ट में आवेदन दाखिल करना चाहिए था, इस प्रकार सीधे हाईकोर्ट आने का कोई आधार नही है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि सेशन कोर्ट पहले ही उनके मुवक्किल की याचिका खारिज कर चुकी है और हाल ही में सहअभियुक्त अरुणा चड्ढा को भी जमानत से इंकार कर दिया था।