नई दिल्ली। गांधी नगर इलाके में करीब एक साल पहले गारमेंट फैक्टरी में हुए डबल मर्डर की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस संबंध में फैक्टरी मालिक के चालक सुनील (30) को गिरफ्तार किया है। सुनील ने अपने दोस्त कामता प्रसाद के साथ मिलकर फैक्टरी में लूटपाट के इरादे से अनिल तिवारी और दीपक राम नामक दो युवकों की नृशंस हत्या कर दी थी। गली में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से सुनील और उसके सहयोगी का वारदात में हाथ होने का पता चला था। तभी से सुनील फरार था। पुलिस ने सुनील की गिरफ्तारी पर पच्चीस हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। पुलिस को अब कामता प्रसाद की तलाश है।पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने बताया कि 30 अक्तूर 2011 को गली नंबर-12 कैलाश नगर की एक गारमेंट फैक्टरी में दो युवकों की हत्या कर दी गई थी। दीपक के गले और हाथ की नसों को आरी से काटा गया था। वहीं अनिल की लकड़ी के फट्टे से पीट-पीट कर मौत के घाट उतारा गया था। बाद में अनिल के शव को उल्टा पंखे से लटका दिया गया था। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि अनिल और दीपक की फैक्टरी के सामने दूसरी फैक्टरी के सीसीटीवी कैमरे में कुछ संदिग्ध लोगों की तस्वीर कैद हुई है। जांच में पता चला कि संदिग्ध कोई और नहीं बल्कि मृतकों के फैक्टरी मालिक का ड्राइवर सुनील है। वारदात के बाद से वह फरार भी था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस को पता चला कि सुनील गुजरात के सूरत में कहीं छुपा है। छानबीन के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। सुनील ने अपना अपराध भी कबूल लिया। उसने बताया कि लूटपाट के दौरान दोनों उनके सामने बाधा उत्पन्न कर सकते थे। इसलिए उसने अपने दोस्त कामता प्रसाद के साथ मिलकर दोनों को मौत के घाट उतार दिया।