नई दिल्ली। बिजली बिल में लगी आग से आगबबूला जनता की नब्ज को देखते हुए इस बार फ्यूल परचेज एडजस्टमेंट (एफपीए) के नाम पर बिजली की कीमत में बढ़ोतरी की गुंजाइश कम है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के चेयरमैन ने इस बात के संकेत दिए हैं। गौरतलब है कि नवंबर से जनवरी में एफपीए के नाम पर बिजली की कीमत वृद्धि के लिए टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड और बीएसईएस की राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड ने अपनी मांग डीईआरसी के समक्ष रख दी है। टीपीडीडीएल ने जनवरी से नवंबर के लिए डेढ़ प्रतिशत एफपीए बढ़ाने की मांग की है, तो राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड ने पांच फीसदी कीमत बढ़ाने को कहा है। इस बारे में दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के चेयरमैन पीडी सुधाकर ने कहा कि डिस्कॉम्स ने मांग रखी है, लेकिन इस बार ईंधन की कीमत में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है, लिहाजा एफपीए के नाम पर कीमत बढ़ने की संभावना कम है। आयोग के चेयरमैन ने कहा कि उपभोक्ताओं के पुराने और नए बिजली बिलों को देखा जाएगा, उसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नवंबर के आखिर में एफपीए पर फैसला लिया जाएगा।