फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरक्षण के लिए 31 अक्तूबर तक का समय

Wed, 03 Oct 2012 12:00 PM IST
New Delhi
विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। राजस्थान के गुर्जरों को 31 अक्तूबर तक आरक्षण नहीं मिला तो नवंबर में बड़े आंदोलन की तैयारी होगी। यही नहीं, देश में कांग्रेस का विरोध किया जाएगा। गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान देशभर में दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की मांग की गई है। यह तीनों प्रस्ताव फिक्की ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय गुर्जर महापंचायत में सर्वसम्मति से पारित किए गए। महापंचायत में संयोजक सूरजमल, बसपा सांसद सुरेंद्र नागर, पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर, राजस्थान (बयाना) के पूर्व विधायक अतर सिंह भटाना, हरिश सिंह महुआ, देवकी नंदन काका, तेजा गुर्जर, डॉक्टर बबीता गुर्जर, योगेंद्र सिंह हवाना के अलावा अलग-अलग राज्यों से गुर्जर नेता शामिल हुए। पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर ने कहा कि तीनों प्रस्तावों को महापंचायत ने सर्वसम्मति से पारित किया है। गौतमबुद्ध नगर से बसपा सांसद सुरेंद्र नागर ने कहा कि आरक्षण गुर्जर का अधिकार है वह उसका समर्थन करते हैं। गुर्जर नेताओं ने एक सुर में कहा कि गुर्जरों का देशभर में कोई संगठन नहीं है जिससे गुर्जरों का यह हाल है। गुर्जर संगठन को मजबूत बनाना है। गुर्जर जाति के 74 सपूतों के बलिदान को बेकार नहीं जाने देंगे। राजस्थान के गुर्जर नेताओं ने संचार राज्यमंत्री सचिन पायलट के रवैये पर नाराजगी जताई। भाजपा से भी मांग की गई है कि वह गुर्जर आंदोलन पर अपनी नीति स्पष्ट करे। गुर्जर को एसटी कोटा के तहत आरक्षण मिलना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें