नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने सात साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न के दोषी को 14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामला 2016 का है, जब रिक्शा चालक ने नाबालिग बच्ची के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न किया था। अदालत ने पिछले महीने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) के तहत दोषी ठहराया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने कहा कि अपराध की गंभीरता और पीड़िता पर पड़े मानसिक व शारीरिक प्रभाव को देखते हुए आरोपी के प्रति किसी तरह की नरमी दिखाना न्याय के साथ अन्याय होगा। अदालत ने अपने आदेश में कहा इस तरह की घटनाएं समाज के नैतिक ताने-बाने को कमजोर करती हैं और समुदाय की सामूहिक चेतना को झकझोर देती हैं। इसलिए इनसे सख्ती से निपटना आवश्यक है। विशेष लोक अभियोजक ने अदालत से अनुरोध किया था कि सजा इतनी कठोर होनी चाहिए जो भविष्य में ऐसे अपराध करने की हिम्मत किसी को न दे। अदालत ने कहा कि पीड़िता को इस अपराध से गहरा मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक आघात हुआ होगा और उसे लंबे समय तक मनोवैज्ञानिक उपचार व पुनर्वास की आवश्यकता होगी। सजा के साथ अदालत ने पीड़िता को 10.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है, ताकि उसके उपचार और पुनर्वास में सहायता मिल सके। ब्यूरो