अरकपुर-मोती बाग और केंद्रीय सचिवालय की इमारत निर्माण में बन रहे थे बाधक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अरकपुर-मोती बाग व अशोक रोड स्थित केंद्रीय सचिवालय परियोजनाओं के लिए पेड़ों के स्थानांतरण व प्रत्यारोपण को मंजूरी दे दी है। प्रत्यारोपित किए जाने वाले पेड़ों के अलावा रामपुरा, शकूर बस्ती, मादीपुर और एनटीपीसी इको पार्क में विभिन्न किस्मों के एक-एक हजार के करीब पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा नीम, अमलतास, पीपल, पिलखन, गूलर, बरगद और अर्जुन के पौधे लगाए जाएंगे। इन नए पौधों को लगाने का खर्च रेलवे और शहरी विकास मंत्रालय वहन करेगा। इन दोनों परियोजनाओं में एक भी पेड़ नहीं काटे जाएंगे। अरकपुर-मोती बाग में रेलवे परियोजना के तहत बहुमंजिला आवासीय भवन निर्माण किया जाएगा। उपराज्यपाल ने पर्यावरण मंत्री के कार्यालय में कई महीनों से फाइल को स्वीकृति नहीं देने का मुद्दा भी पिछले दिनों उठाया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने फाइल को स्वीकृति देकर उपराज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा।
उधर बवाना क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिए वन महोत्सव मनाया जा रहा है। इसके तहत बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्टर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएसआईआईडीसी) चला रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और वायुमंडल को शुद्ध बनाने के मकसद से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पियूष अग्रवाल ने बताया कि इस अभियान में 30 अलग-अलग प्रजाति के पौधे लगाए जा रहे हैं। जिनमें फलदार वृक्षों के अलावा गुलमोहर, पीपल, बरगद, शहतूत, नीम, चंपा, अमरूद, अशोक, पीपल, अमलताश, अर्जुन, मेहंदी और बबूल के पौधे भी शामिल हैं। प्रोजेक्ट डायरेक्टर वैभव गोयल, प्रोजेक्ट मैनेजर नीरज चतुर्वेदी और राजीव कुमार ने भी पौधरोपण किया।