उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में कर्ज चुकाने के लिए एक युवक ने अपने ही बीमार फूफा के अकाउंट में सेंध लगा ली। आरोपी ने एक साल के अंदर धीरे-धीरे फूफा के खाते से 2.45 लाख रुपये निकाल लिए, लेकिन पुलिस से शिकायत करने पर उसका भेद खुल गया। आरोपी की पहचान बादशाहपुर, सिरहौली, लोनी निवासी राहुल बैंसला के रूप में हुई है। उत्तरी जिला साइबर थाना पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
उत्तरी जिला के पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि पिछले दिनों उनकी टीम को नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के जरिये साइबर ठगी की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता विश्वास ने बताया कि उसके पिता दिल्ली जलबोर्ड से रिटायर हैं। फिलहाल वह लकवाग्रस्त हैं। किसी ने उनके खाते में सेंध लगाकर 2.45 लाख रुपये निकाल लिए। शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने 15 अक्तूबर को मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले उस खाते ही पड़ताल की जहां रुपया ट्रांसफर हुआ था। पता चला कि विश्वास के पिता के बैंक खाते से रुपये निकलकर उसके ही कजिन के पेटीएम खाते में गए हैं।
पुलिस ने पूछताछ के लिए आरोपी राहुल बैंसला को हिरासत में लिया। बाद में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2011 से 2021 तक अपने फूफा के घर पर रहकर पढ़ा। इस दौरान उसके फुफेरे भाई विश्वास ने अपने एक दोस्त को एक लाख रुपये राहुल के जानकार से दिलवाए थे।
लेकिन रुपये लेने वाले युवक ने रुपये नहीं दिए। चूंकि मामले की जिम्मेदारी राहुल ने ली थी, उस लिए उसे रुपये चुकाने पड़े। उसने रुपयों का इंतजाम करने के लिए अपने फूफा के खाते को पेटीएम से लिंक कर लिया। इसके बाद धीरे-धीरे फूफा के खाते से करीब 2.45 लाख रुपये निकाल लिए।