रोहिणी के तुलसी अपार्टमेंट में मुठभेड़ में ढ़ेर हुआ कुलदीप मान उर्फ फज्जा मंडोली जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था। वह कई महीनों से मंडोली जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था। मंडोली जेल से ही कुलदीप मान ने भूपिन्दर उर्फ भुट्टन को ही कहा था कि जब वह पुलिस कस्टडी से भगेगा तो वह उसके रूकने का इंतजाम करे। ये खुलासा भूपिन्दर ने स्पेशल सेल की पूछताछ में किया है। इससे पहले तिहाड़ जेल में इंडियन मुजाहिद्दीन व आईएस के आतंकियों के मोबाइल का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया था।
स्पेशल सेल की गिरफ्त में मौजूद भूपिन्दर भुट्टन ने पूछताछ में खुलासा किया है कि जीटीबी अस्पताल से फरार होने से दो-तीन दिन पहले कुलदीप मान ने मंडोली जेल से उसे फोन किया था। कुलदीप मान ने फोन कर कहा था कि वह उसका रूकने का इंतजाम कर करें। जीटीबी अस्पताल से फरार होने के बाद कुलदीप मान सीधा रोहिणी के तुलसी अपार्टमेंट में पहुंचा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिस मकान में कुलदीप मान ने पनाह ले रखी थी वह मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार योगेन्द्र दहिया उर्फ मोंटी का है। ये मान योगेन्द्र के परिजनों ने बहुत पहले से ले रखा है। मोंटी जिम ट्रेनर है। पुलिस उसकी गोगी गिरोह से कनेक्शन को खंगाल रही है।
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि कुलदीप मान को भगाने में गोगी गिरोह के करीब 12 सदस्यों ने साजिश रची थी या साजिश में शामिल थे। गोगी व कुलदीप मान गिरोह की टिल्लू गिरोह से गैंगवार चलती रहती है। इस समय गोगी गिरोह के ज्यादातर सदस्य जेलों बंद हैं। ऐसे में इनको लगता था कि टिल्लू गिरोह का हावी होता जा रहा है। गोगी गिरोह को फिर से संगठित करने व गिरोह में जान फूंकने के लिए कुलदीप मान को फरार करने की साजिश रची गई थी। गिरोह के संगठित करना व टिल्लू गिरोह को टक्कर देने के लिए कुलदीप मान का मुख्य उद्देश्य था।