नई दिल्ली। उत्तरकाशी के वरिष्ठ पत्रकार और यूट्यूबर राजीव प्रताप (36) के संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पत्रकार संगठन जांच की मांग कर रहे हैं। प्रताप 18 सितंबर की रात से लापता थे। उनका शव 28 सितंबर को जोशीयारा बैराज में मिला। प्रताप की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उनके पति को उत्तरकाशी के एक जिला अस्पताल और स्कूल की स्थिति पर वीडियो अपलोड करने के बाद मौत की धमकियां मिली थीं। उन्हें वीडियो हटाने की चेतावनी भी दी गई थी। प्रताप उस रात अल्टो कार से अकेले जा रहे थे, जो बाद में भागीरथी नदी में मिली। शव कुछ दिन बाद बरामद हुआ। नेशनल अलायंस ऑफ जर्नलिस्ट, दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट और केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (दिल्ली यूनिट) ने राज्य सरकार से पूरी जांच और परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। ब्यूरो