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नापाक मंसूबे नाकाम : माल-ए-गनीमत की मदद से तैयार करना था भारतीय आईएस का स्वदेशी नेटवर्क, पर धरे गये आतंकी

Wed, 04 Oct 2023 05:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा शुजात आलम, नई दिल्ली

सार

इसी वजह से दोनों ने अपराध करना शुरू कर दिया था। शाहनवाज के खिलाफ हजारीबाग झारखंड में कई केस दर्ज हैं।
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विस्तार
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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और विदेशों में बैठे आकाओं ने शाहनवाज आलम उर्फ अब्दुल्लाह और रिजवान अली को माल-ए-गनीमत (दुश्मनों से लूटा गया माल) की मदद से स्वदेशी आईएस का नेटवर्क तैयार करने का आदेश दिया था। इसी वजह से दोनों ने अपराध करना शुरू कर दिया था। शाहनवाज के खिलाफ हजारीबाग झारखंड में कई केस दर्ज हैं।

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वर्ष 2019 में शाहनवाज लूटपाट और चोरी के कई मामलों में लोकल पुलिस के हत्थे चढ़ा। इस बीच करीब आठ-नौ माह वह जेल में बंद रहा। बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया। जेल से बाहर आते ही उसने विदेशी आकाओं से बातचीत शुरू कर दी। शाहनवाज और रिजवान दोनों ही हिजरत (एक जगह से दूसरी जगह जाना) के लिए अफगानिस्तान जाना चाहते थे।

पुलिस की पूछताछ में शाहनवाज ने खुलासा किया कि रिजवान और वह एक ही विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे। दोनों आईएसआईएस के अलग-अलग एक्स अकाउंट, न्यूज चैनल, यू-ट्यूब चैनल से जुड़े थे। इत्तेफाक से रिजवान और शाहनवाज दोनों एक ही विदेशी हैंडलर से बैत (प्रतिज्ञा लेना) हुए। शुरुआत में इनको भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए फंड प्राप्त हुए।
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लेकिन बाद में वहां बैठे आकाओं ने भारत में खुद को नेटवर्क खड़ा करने और नए-नए लड़कों को भर्ती करने का आदेश दिया। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में बैठे इनके आका नहीं चाहते थे कि वारदात के बाद उन लोगों को घटनाओं में नाम आए। बैत होने के बाद दोनों ने भारत में अपना काम भी शुरू कर दिया।

18 जुलाई 2023 को शाहनवाज माल-ए-गनीमत बढ़ाने के लिए पुणे में इमरान और यूनुस साकी के साथ मिलकर बाइक चोरी कर रहा था। पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया, लेकिन शाहनवाज पुलिस की गाड़ी से कूदकर भागने में कामयाब हो गया। लोकल पुलिस ने इमरान और यूनुस से बातचीत की मामला आतंक से जुड़ा निकला।

इस बीच मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई। छानबीन में शाहनवाज के बारे में पता चला। इसके बाद रिजवान अली व शाहनवाज पर तीन-तीन लाख का इनाम घोषित किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोहम्मद रिजवान अशरफ और अरशद वारसी शाहनवाज के स्वदेशी नेटवर्क का ही हिस्सा हैं।

रिजवान अली और शाहनवाज हिजरत कर अफगानिस्तान क्यों जाना चाहते थे, इसकी पड़ताल जारी है। हालांकि दोनों ही आतंकी लगातार अपने आकाओं से संपर्क में थे। उनसे मिलने वाले दिशा निर्देशों पर ही वह काम कर रहे थे। शाहनवाज त्योहारों पर दिल्ली व दूसरे महत्वपूर्ण स्थानों पर धमाके करने की तैयारी कर रहा था।

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