नॉर्थ कैंपस के पास आर्ट फैकल्टी में आइसा ने अन्य संगठनों के साथ मिलकर उठाई आवाज
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग के पीएचडी फीस बढ़ाने के विरोध में बृहस्पतिवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने अन्य संगठनों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। छात्र संगठन का आरोप है कि डीयू ने नए पूर्वी परिसर के लिए 930 करोड़ रुपये का ऋण लिया है। इसका भुगतान करने के लिए डीयू अधिकतम कोर्स की फीस बढ़ा रहा है। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल कई छात्र व छात्र संगठन के कार्यकर्ता फीस बढ़ोतरी वापस लो के नारे लगाते हुए नजर आए।
छात्र संगठन का आरोप है कि कोर्स की फीस अचानक से बढ़ा दी गई है। पिछले साल इसी कोर्स की फीस 1,932 रुपये थी, जबकि इस वर्ष इसे बढ़ाकर 23, 968 रुपये कर दी गई है। फिर बुधवार को फीस घटाकर 17,118 रुपये कर दी गई है। इस संशोधन पर नाराजगी जताते हुए छात्र संगठन ने नॉर्थ कैंपस आर्ट्स फैकल्टी के पास प्रशासन के फैसले पर आपत्ति जताते हुए प्रदर्शन किया। आइसा कार्यकर्ता अनुष्का ने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले डीयू को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से ग्रांट मिलता था, लेकिन उच्च शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी (हेफा) लागू होने के बाद डीयू ने 930 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इसी वजह से कोर्स की फीस बढ़ाई जा रही है। वहीं, आइसा के अध्यक्ष अभिज्ञान ने कहा कि अचानक से फीस बढ़ा दी है। इसके लिए प्रशासन ने छात्रों को फीस जमा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया। उन्होंने बताया कि जो नोटिस मिला है, उसमें एक दिन की समय सीमा के भीतर फीस का भुगतान करना है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी बार-बार लोन ले रही है और इसे चुकाने का बोझ छात्रों पर पड़ रहा है।