कोविड-19 के कारण लगे लॉकडाउन के आर्थिक प्रभाव से दुनिया जूझ रही है, लेकिन चार्टर्ड अकाउंटेंट प्लेसमेंट पर कोई असर नहीं पड़ा। कोरोना काल में सीए की प्लेसमेंट में 37 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। आईसीएआई (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया) की ओर से सितंबर 2020 में पहला वर्चुअल कैंपस प्लेसमेंट आयोजित किया गया। इस दौरान न केवल सीए की डिमांड बढ़ी बल्कि सैलरी पैकेज में भी इजाफा देखने को मिला।
आईसीएआई की ओर से साल में दो बार प्लेसमेंट फाइनल परीक्षा आयोजित होने के बाद होता है। इस बार नवंबर-दिसंबर में हुई फाइनल परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद अगला प्लेसमेंट सेशन होगा। कोरोना महामारी के कारण इस बार केवल एक बार ही सेशन आयोजित किया जा सका है। इस दौरान सीए कर चुके 2,923 छात्रों को जॉब ऑफर मिले, जबकि 2019 में 2,135 छात्रों को ही मिले थे। इस बार अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से तो नहीं लेकिन घरेलू कंपनियों से अच्छे सैलरी पैकेज की पेशकश छात्रों को हुई है।
घरेलू कंपनी की सैलरी पैकेज की बात करें तो अधिकतम 23.28 लाख रुपये का ऑफर दिया गया है। हालांकि इस पैकेज में मामूली सी गिरावट देखने को मिली है। वर्ष 2019 में अधिकतम 24 लाख के पैकेज की पेशकश हुई थी, जबकि अंतरराष्ट्रीय कंपनी से अधिकतम सैलरी पैकेज 36 लाख रुपये का रहा था। औसत सैलरी पैकेज की बात करें तो वर्ष 2019 में सलाना 7.43 लाख की पेशकश हुई थी जबकि इस बार 8.91 लाख रुपये की पेशकश की गई है। इस कारण से संस्थान काफी उत्साहित है। संस्थान से प्राप्त जानकारी के अनुसार 2020 में छोटी-बड़ी 133 कंपनियों ने प्लेसमेंट में हिस्सा लिया। इनमें आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, इंफोसिस, टीसीएस, जेनपेक्ट, प्राइस वाटर हाउस कूपर जैसी कंपनियां शामिल हैं।
सीए की भूमिका अहम : गुप्ता
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की मांग में इतनी वृद्धि पर आईसीएआई के अध्यक्ष सीए अतुल कुमार गुप्ता ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट की मांग तभी तेज होती है जब अर्थव्यवस्था बढ़ रही हो। वास्तव में मौजूदा परिस्थितियों में भूमिका अधिक महत्वपूर्ण है। कंपनियां पेशेवर सलाहकारों की तलाश कर रही हैं जो उनके वित्त और पूंजी का अच्छी तरह से प्रबंधन कर सके। सीए कंपनियों की इन्हीं जरूरत को पूरा करने में मदद करते हैं।