भाजपा के लिए दिल्ली विधानसभा चुनाव बहुत अच्छे नहीं रहे हैं। भारी कोशिश के बाद भी भाजपा इकाई अंक तक सिमट गई। भाजपा की रणनीति में कहां चूक हुई और पार्टी अब आगे किस योजना पर आगे बढ़ेगी, यह जानने के लिए हमारे
विशेष संवाददाता अमित शर्मा ने रोहिणी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीत चुके विजेन्द्र गुप्ता से मुलाकात की। पिछली विधानसभा में वे नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं। प्रस्तुत है वार्ता के प्रमुख अंश -
विजेन्द्र गुप्ता जी, आपकी जीत के लिए आपको शुभकामनाएं। क्या आप मानते हैं, पार्टी की रणनीति में कहां चूक हो गई?
धन्यवाद। मेरा यही मानना है कि चुनाव हमने अपनी पूरी ताकत के साथ लड़ा। कभी-कभी होता है कि आपकी पूरी कोशिश के बाद भी अपेक्षित नतीजा नहीं मिल पाता है। हम पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ मिलकर बैठेंगे और चुनाव परिणामों की समीक्षा करेंगे। हमने बहुत काम भी किया है। आप यह नहीं कह सकते हैं कि केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए कम काम किया, लेकिन फिर भी परिणाम हमारी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे। हम फिर कोशिश करेंगे।
क्या अरविंद केजरीवाल के सामने किसी नाम को सीधे प्रोजेक्ट न करने का नुकसान भाजपा को हुआ है?
अब चुनाव परिणाम के बाद बहुत तरह के तर्क दिये जा सकते हैं। अलग-अलग लोग अपनी-अपनी सोच व्यक्त कर सकते हैं। लेकिन असली बात यह है कि हमने एक रणनीति के तहत चुनाव लड़ा। वह हमारी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। अब हम उसकी समीक्षा करेंगे। आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे। इससे अधिक इस मोड़ पर क्या कहा जा सकता है।
क्या एमसीडी के कार्यों के कारण आपको उसका नकारात्मक असर झेलना पड़ता है?
एमसीडी ने अपने स्तर पर बेहतर काम करने का प्रयास किया है। सभी जानते हैं कि दिल्ली सरकार ने उसके लिए कानूनी तौर पर तय किये गए फंड को सही समय पर जारी नहीं किया। इनका कुछ तो असर पड़ सकता है। लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव पूरी तरह एमसीडी की वजह से प्रभावित हो सकता है, मैं ऐसा नहीं मानता।
केजरीवाल सरकार की बिजली-पानी की योजनाओं की काट आप नहीं खोज पाए। सरकार ने इसी तरह की कुछ और योजनाओं का वायदा किया है। ऐसे में अगले विधानसभा चुनाव तक जनता को दिखाने के लिए आप क्या रणनीति बनाएंगे?
देखिये, सरकार एक नहीं सौ योजनाएं लागू करे, जनता के हित की किसी भी योजना का हम स्वागत करेंगे। उसमें सहयोग देंगे। मैं आपसे यही कहूंगा कि केंद्र सरकार ने जनहित के लिए ढेरों योजनायें लागू की हैं। वे उसमें रोड़ा न अटकाएं। अब दिल्ली की जनता को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लेने दें। पूरे देश की जनता आयुष्मान योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठा रही है। केवल उनके असहयोग के कारण दिल्ली की जनता को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिलता। अब जब दिल्ली की जनता ने दिल खोलकर उनको समर्थन दिया है, तो उन्हें भी बड़ा दिल दिखाते हुए उसके लाभ की योजनाओं को नहीं रोकना चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी 2022 तक देश के हर परिवार से सिर पर छत देना चाहते हैं, उन्हें मकान देना चाहते हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल की दिल्ली सरकार के साथ के बिना यह संभव नहीं होगा। इसलिए अब उन्हें भी सहयोगात्मक रुख अपनाना चाहिए।
अब चुनाव परिणाम सामने आ चुके हैं। नई सरकार का रास्ता साफ हो गया है। आप सदन में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। आगे आपकी क्या भूमिका रहने वाली है?
निश्चित रूप से हमारी भूमिका बेहद सकारात्मक रहने वाली है। सरकार के सही कार्यों को हमारा सहयोग मिलेगा। अगर हमें लगेगा कि सरकार किन्हीं आवश्यक मुददों से भटक रही है तो हम उसे उसकी जिम्मेदारी याद दिलाने की कोशिश करेंगे।