अपने 38 लाख पूर्व छात्रों को एलुमनाई पोर्टल पर जोड़कर एंडोमेंट फंड में लेगी पैसा
फंड में मिलने वाले पैसे को विश्वविद्यालय अपने विकास से लेकर स्कॉलरशिप और पढ़ाई पर करेगा खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी भी अपने पूर्व छात्रों से अब आर्थिक मदद लेगी। इग्नू ने आईआईटी की तर्ज पर इग्नू एंडोमेंट फंड बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए विश्वविद्यालय अपने सभी 38 लाख पूर्व छात्रों को एलुमनाई पोर्टल पर जोड़ेगा। छात्रों से आर्थिक मदद लेने से पहले एंडोमेंट फंड कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें नियम व शर्तें तय होंगी। एंडोमेंट फंड में पूर्व छात्रों से मिलने वाला पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर स्कॉलरशिप और पढ़ाई पर भी खर्च किया जाएगा।
इग्नू डायरेक्टर कैंपस प्लेसमेंट सेल के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, विश्व की सबसे बड़ी ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग माध्यम से पढ़ाई करवाने वाली यूनिवर्सिटी ने आईआईटी की तर्ज पर अपने खर्च स्वयं पूरे करने का फैसला लिया है। विश्वविद्यालय अपने खर्चों के लिए केंद्र सरकार पर निर्भर रहने की बजाय अपने स्तर पर आर्थिक रूप से सक्षम बनेगी। इसमें सबसे पहले सभी पूर्व छात्रों को एलुमनाई पोर्टल पर जोड़ा जाएगा। एलुमनाई पोर्टल में सभी पूर्व छात्रों के नाम, नंबर, ईमेल, व्यवसाय या नौकरी, डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट व वर्ष की जानकारी अपलोड होगी। इसके अलावा उन्हें टि्वटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि से भी जोड़ा जाएगा।
फिलहाल विश्वविद्यालय के पास एक लाख छात्रों का डेटा
वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इग्नू के कुल 38 लाख पूर्व छात्र हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रबंधन के पास फिलहाल एक लाख पूर्व छात्रों का डेटा ही उपलब्ध है। इसे एलुमनाई पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। अभी तक एलुमनाई फेसबुक पेज पर जोड़ा गया है। इसके अलावा अन्य 37 लाख पूर्व छात्रों की जानकारियां जुटाई जा रही हैं। उन्हें टि्वटर, फेसबुक के माध्यम से भी सर्च किया जा रहा है, ताकि उन्हें भी विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रों की सूची में जोड़ा जा सके।
पाठ्यक्रम, कैंपस प्लेसमेंट, इंटर्नशिप में मदद
विश्वविद्यालय की योजना है कि पूर्व छात्रों की पाठ्यक्रम तैयार करने से लेकर कैंपस प्लेसमेंट से लेकर इंटर्नशिप में भी मदद ली जाएगी। विश्वविद्यालय अपने कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व छात्रों को आमंत्रित करेगा। इसके लिए पूर्व छात्रों की अलग से सूची भी बनाई जाएगी। इसका मकसद है कि छात्रों के सहयोग से नौकरी या व्यवसाय चुनने में पूर्व छात्रों का सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा उद्योगों और मार्केट डिमांड के आधार पर छात्रों को पढ़ाई से लेकर ट्रेनिंग में तैयार करवाना है।
ग्रामीण इलाकों से आते हैं 54 फीसदी छात्र
इग्नू में भारत समेत अन्य देशों के छात्र भी पढ़ाई करते हैं। जनवरी और जुलाई 2023 सत्र में इग्नू में करीब पांच लाख छात्रों ने दाखिला लिया है। इसमें से 54 फीसदी छात्र ग्रामीण इलाकों से आते हैं। इस प्रकार इग्नू में एक बड़ी संख्या ग्रामीण भारत से आती है। इग्नू के 57 रिजनल सेंटर और करीब दो हजार से अधिक स्टडी सेंटर हैं। इनके माध्यम से इग्नू सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) बढ़ाने पर भी काम करेगा। इसमें पूर्व छात्र अपने आसपास रहने वाले उन छात्रों को उच्च शिक्षा से जोड़ेगा, जिन्होंने किसी कारणवश स्कूली शिक्षा के बाद अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी।