दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को एक याचिका की स्थिरता को चुनौती देने वाले एक आवेदन पर विचार करने से इनकार कर दिया। जिसमें कुछ राजनीतिक नेताओं के खिलाफ कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने के लिए जांच की मांग की गई थी। जिसके चलते फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में हिंसा हुई थी। कोर्ट ने कहा कि वह हस्तक्षेप आवेदन की अनुमति नहीं दे रह है और इसे भविष्य के लिए लंबित रखने से भी इनकार कर दिया।