नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने दिल्ली दंगों के दौरान राहुल सोलंकी की हत्या के मामले में सिराजुद्दीन को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने कहा कि आरोपी सिराजुद्दीन को रिकॉर्ड में उपलब्ध वीडियो फुटेज के अनुसार डंडा ले जाने वाली भीड़ के हिस्से के रूप में देखा गया है। अदालत ने कहा इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि इस समय आरोप अभी तय किए जाने है और गवाही होनी है। ऐसे में आरोपी को जमानत देने का कोई आधार नहीं है। राहुल सोलंकी अपने चचेरे भाई के साथ किराने का सामान खरीदने शिव विहार गए थे। उसने एक गली में भीड़ देखी। इसी दौरान भीड़ में से एक लड़का हाथ में पिस्टल लेकर फायरिंग करते हुए आगे आया और राहुल सोलंकी के गले में गोली मार दी।