स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या को भाजपा ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया
जंतर मंतर से कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क तक मौन मार्च निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या को भाजपा ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया। एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में विभाजन की भयावहता को याद करती प्रदर्शनी भी लगाई गई। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने 1947 में विभाजन प्रक्रिया के दौरान मारे गए लोगों की याद में जंतर मंतर से कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क तक मौन मार्च निकाला। दिल्ली के सभी भाजपा सांसद, विधायक और पार्षद समेत अन्य वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी मार्च में शामिल हुए।
इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि हम आजादी की 77वीं वर्षगांठ मनाएंगे, वहीं दूसरी तरफ 14 अगस्त को विभाजन का जो ऐतिहासिक धोखा हुआ वह बहुत दुखद है। यह घटना भूलने योग्य नहीं है कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने कैसे संघर्ष किया और अपनी शहादत दी। शहादत के बाद भी हमें खंडित आजादी मिली, क्योंकि भारत के दूसरे हिस्से को दूसरे देश के रूप में जाना जाने लगा। एनडीएमसी हाॅल के बाहर लगी प्रदर्शनी का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि प्रदर्शनी में यह स्पष्ट है कि जब भारत आजाद हो रहा था, तब देश के एक बड़े हिस्से के लोग अपनी जान बचाने के लिए इस क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। भारत का विभाजन इतिहास के सबसे बड़े विस्थापन के रूप में याद की जाने वाली घटना है।
दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के रूप में खड़े हैं, हमें 1947 की पीड़ा को भी ध्यान में रखना होगा। कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच 1916 का अधिनियम इस बात का उदाहरण है कि कैसे राजनीतिक लाभ के लिए धर्म और जाति के आधार पर निर्वाचन क्षेत्र पर सहमति बनी थी। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राहुल गांधी जेएनयू जाते हैं तो वहां देश-देश टुकड़े-टुकड़े हों और अजफल हम शर्मिंदा हैं तेरे कातिल जिंदा हैं जैसे नारे लगते हैं, जिससे पता चलता है कि तुष्टिकरण ने देश को कितना खोखला कर दिया है। तंज कसते हुए कहा कि वायनाड में वोटों की इतनी कमी हो गई है कि राहुल गांधी को अब मुस्लिम लीग ही सेक्युलर पार्टी नजर आने लगी है।
पूरे परिवार ने विभाजन की पीड़ा झेली : सचदेवा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि वे खुद एक ऐसे परिवार से आते हैं जो विभाजन के समय पाकिस्तान के मुजफ्फरगढ़ से आकर दिल्ली में बस गया। पूरे परिवार ने विभाजन की पीड़ा झेली। इस विभाजन स्मृति दिवस सेमिनार की अध्यक्षता गर्व की बात है। प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा ने विभाजन के दिनों के अपने परिवार के भयानक अनुभवों को याद किया। इस मौके पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी, डॉ. हर्षवर्धन, हंसराज हंस, रमेश बिधूड़ी, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी समेत कई नेता मौजूद रहे।