जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय राजधानी और एनसीआर के होटलों में ठहराए जाने वाले विदेशी मेहमानों को सम्मेलन स्थल प्रगति मैदान तक निर्बाध लाने के लिए 31 रूट बनाए हैं। हर रूट के साथ एक इमरजेंसी रूट भी तैयार किया है।
सुरक्षा इंतजामों को जांच के लिए ट्रैफिक पुलिस शनिवार को फुल ड्रेस रिहर्सल शुरू कर रही है। सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक पुलिस के कर्मियों की दो पालियों में तैनाती होगी। दिल्ली ट्रैफिक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विदेशी मेहमान कुल 18 होटल में ठहरेंगे। इनमें से 16 दिल्ली व 2 गुरुग्राम में हैं। ली मेरेडियन व संग्रीला होटल में ठहरने वाले विदेशी मेहमानों के लिए एक रूट चिह्नित किया गया है।
इसी तरह गुरुग्राम के दोनों होटल में तैनात विदेशी मेहमानों के लिए एक ही रूट तय किया गया है। अगर किसी रूट पर किसी तरह की कोई बाधा आ जाती है, तो विदेशी मेहमान के काफिले को इमरजेंसी रूट पर ले जाया जाएगा।
11 अगस्त से ही रिहर्सल शुरू
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इन रूट की रिहर्सल 11 अगस्त से शुरू हो गई थी। शनिवार सुबह से रूट की फुल ड्रेस रिहर्सल शुरू हो जाएगी। इसके तहत विदेशी मेहमान का डमी काफिला चलेगा और पुलिसकर्मियों की उस तरह तैनाती की जाएगी जिस तरह आठ से 10 सितंबर को होगी।
आणविक, जैविक, रासायनिक खतरे से निपटने के भी इंतजाम
एलजी वीके सक्सेना ने शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक में शिखर सम्मेलन के लिए सुरक्षा और अन्य इंतजामों की समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि आतंकी, आणविक, जैविक, रासायनिक किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
डॉक्टरों की 80 टीमें, 130 एंबुलेंस होंगी तैनात
मेडिकल इमजरेंसी से निपटने के लिए डॉक्टरों की 80 टीमें और 130 एंबुलेंस की तैनाती भी की जाएगी। फायर ब्रिगेड की 66 गाड़ियां भी तैयार रखी गई हैं और उन्हें सम्मेलन स्थल पर तैनात किया जाएगा। सभी भागीदार देशों के लोगो और झंडे को लगाने के लिए 18 स्थानों का चयन कर लिया गया है और दो का जल्द ही चयन कर लिया जाएगा।
संबंधित देशों के साथ ही कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं समेत 43 ध्वज लगाए जाएंगे।