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Delhi News: ईवीएम में बंद हुआ 21 उम्मीदवारों का भविष्य, मतगणना पर संशय

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बीते 13 सालों में सबसे कम मतदान होने का अनुमान
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शाम 5:45 तक मतदान का प्रतिशत लगभग 29.7 फीसदी, बीते साल सुबह की पाली में ही 38 फीसदी हुआ था

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में किस्मत आजमा रहे 21 उम्मीदवारों का भविष्य शुक्रवार को ईवीएम में बंद हो गया है। राजनीति की पाठशाला कहे जाने वाले इन चुनावों में छात्रों ने खास दिलचस्पी नहीं दिखाई । नतीजा यह रहा कि सुबह से शाम 5 बजकर 45 मिनट तक महज 29.7 फीसदी मतदान हुआ। जबकि बीते साल सुबह की पाली में ही 38 फीसदी मतदान हुआ था। वहीं बीते साल कुल मतदान प्रतिशत 42.16 फीसदी रहा था। शुक्रवार को शाम की पाली में शाम 7:30 बजे तक वोटिंग हुई। उधर हाईकोर्ट की तरफ से मतगणना पर लगाई गई रोक के कारण नतीजे जारी होने पर संशय बरकरार है।
एनएसयूआई, एबीवीपी, आइसा, एसएफआई के प्रत्याशियों के बीच हुए इस मुकाबले में मतदान पिछले 13 साल के मुकाबले में सबसे कम रहने का अनुमान है। शाम की पाली की वोटिंग 7: 30 बजे के बाद समाप्त होने के कारण दोनों पालियों के मत प्रतिशत को मिलाकर मतदान प्रतिशत 32-33 फीसदी के बीच रह सकता है। डूसू चुनाव में कुल 1,45, 893 वोटर हैं और शाम 5:45 तक 43, 451 ने वोट किया है।
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डीयू में शुक्रवार को डूसू चुनाव के लिए मतदान संपन्न होते ही एक माह से चला आ रहा डूसू का संग्राम अंतिम चरण में पहुंच गया। अब उम्मीदवारों का भविष्य क्या रहेगा इस पर मतगणना पर लगी रोक के हटने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। डूसू चुनाव के लिए कुल 52 कॉलेजों और विभागों में मतदान केंद्र बनाए गए थे। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. सत्यपाल सिंह ने कहा कि मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली। सभी जगह समय से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। जबकि एनएसयूआई का आरोप है कि उनके सहसचिव पद के प्रत्याशी जब सुबह नौ बजे लॉ फैकल्टी पहुंचे तब वहां मतदान शुरू नहीं हुआ। इस पर वहां मौजूद अधिकारियों और प्रत्याशी के बीच मामूली कहासुनी भी हुई।

कॉलेजों में बनाए गए पोलिंग स्टेशन पर तय समय पर सुबह 8.30 से वोटिंग शुरू हुई जो कि दोपहर एक बजे समाप्त हुई। इस समयावधि तक जिसने भी कॉलेज परिसर में प्रवेश कर लिया उसे वोट डालने से वंचित नहीं किया गया।
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कैंपस कॉलेज हो या आउट ऑफ कैंपस कॉलेज सभी जगह सुबह की पाली शुरुआत में वोटिंग की रफ्तार कम थी, कैंपस कॉलेजों में वोटिंग की रफ्तार कम देखने को मिली। रामजस, हंसराज और किरोड़ीमल कॉलेज में ही थोड़ी भीड़ दिखाई दी।


कॉलेज


वोटरों की संख्या

वोट पड़े
हंसराज


6567



2110

किरोड़ीमल
5800



1960

रामजस


5980



2137

मिरांडा


5313


1124

एआरएसडी
4436


1699


बीते सालों का मतदान प्रतिशत

वर्ष 2011

35.00
वर्ष 2012

40.40
वर्ष 2013

43.38

वर्ष 2014

44.43

वर्ष 2015

43.30

वर्ष 2016

37.00
वर्ष 2017

42.80
वर्ष 2018

44.46
वर्ष 2019

39.90

वर्ष 2023
42.16


नोट: कोविड के कारण 2020, 2021, 2022 में चुनाव नहीं हुए थे।
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