दिल्ली में 2020 अगस्त में लॉन्च हुई ईवी नीति से इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी का ग्राफ लगातार चढ़ रहा है। वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनके लिए चार्जिंग की बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और दिल्ली सरकार की ओर से मिलने वाली वित्तीय राहत से भी ई वाहनों की संख्या में इजाफा का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
पिछले करीब पौने दो साल के दौरान दिल्ली में 1.17 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का दिल्ली में पंजीकरण किया गया है। 2022 में दिल्ली में कुल 62,241 ईवी पंजीकृत हुए। इस साल के अंत तक दिल्ली में ईवी की बिक्री एक लाख तक पहुंचने की उम्मीद है।
पिछले साल दिसंबर तक दिल्ली में बेचे गए कुल वाहनों में ई-वाहनों की 16.8 फीसदी हिस्सेदारी रही। दिल्ली में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तेजी से प्रोत्साहित किया जा रहा है। दिल्ली में 4,000 से ज़्यादा चार्जिंग पॉइंट लगाए जा चुके हैं। 2025 तक दिल्ली में चार्जिंग पॉइंट की संख्या बढ़कर 18000 तक पहुंचने की उम्मीद है।
ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में आ रही है कमी
ईवी नीति से दिल्ली में वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में भी कमी आ रही है। इससे ईवी क्षेत्र में व्यवसाय की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। यह सम्मान परिवहन क्षेत्र के प्रति केजरीवाल सरकार की प्रतिबद्धता के साथ दिल्ली को एक स्वच्छ और हरित भविष्य बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों को दर्शाता है।
दिल्ली सरकार की ईवी पॉलिसी को मिला स्टेट लीडरशिप अवार्ड
दिल्ली सरकार को अपनी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति के जरिये परिवहन को बढ़ावा देने के लिए किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए इंडिया एनर्जी स्टोरेज एलायंस (आईईएसए) के छठे इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड्स-2023 में स्टेट लीडरशिप अवार्ड(ईवी नीति) से सम्मानित किया गया है। प्रगति मैदान में आयोजित कार्यक्रम में कई नामचीन हस्तियों ने हिस्सा लिया। दिल्ली ईवी सेल के सीईओ एन मोहन ने दिल्ली सरकार की ओर से कार्यक्रम में पुरस्कार ग्रहण किया।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने ईवी सेल को बधाई देते हुए कहा कि 2022 के बाद से दिल्ली ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और चार्जिंग के बुनियादी ढांचे दोनों में भारी बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार और दिल्ली ईवी सेल ने दिल्ली में परिवहन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए तमाम प्रयास किए हैं। पिछले वर्षों में दिल्ली ईवी नीति समेत महत्वपूर्ण योजनाओं ने दिल्ली को भारत की ईवी कैपिटल बनाने में अहम भूमिका निभाई है।