चूंकि 26 अप्रैल से सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होनी है, उससे पहले मार्च के अंत में एक और प्री-बोर्ड करा देंगे। पहले प्री-बोर्ड में बच्चों को अपनी कमियों का भी पता चल जाएगा, जिससे वह दूसरे प्री-बोर्ड के माध्यम से सुधार सकेंगे। डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल वंदना कपूर ने कहा कि बच्चों के लिए प्रैक्टिकल और ऑफलाइन प्री बोर्ड कराना जरूरी है। स्कूल में 26 फरवरी से प्री-बोर्ड परीक्षा शुरू हो रही है, जो 26 मार्च को समाप्त होगी। उसके बाद एक और प्री-बोर्ड कराएंगे।
व्यक्तिपरक प्रश्न ज्यादा होंगे, वस्तुनिष्ठ प्रश्न कम
उन्होंने बताया कि बोर्ड की परीक्षा में इस बार व्यक्तिरपरक प्रश्न ज्यादा आएंगे और वस्तुनिष्ठ प्रश्न कम होंगे। लिहाजा इसी के आधार पर प्री-बोर्ड का पैटर्न रहेगा। दो बार प्री-बोर्ड होने से पढ़ाई में कमजोर छात्रों की भी तैयारी बेहतर हो सकेगी।
राजकीय विद्यालय शिक्षक संगठन के जिला सचिव (पश्चिम) संत राम ने बताया कि बच्चों की बेहतर तैयारी के लिए यूनिट टेस्ट कराए जा चुके हैं। अभी शिक्षा निदेशालय की ओर से प्री-बोर्ड का शेड्यूल व दिशा-निर्देश नहीं आए हैं। दिशा-निर्देश व शेड्यूल के अनुसार ही बच्चों को बोर्ड परीक्षाओं का और अभ्यास कराया जाएगा।