सुप्रीम कोर्ट ने 15 से 23 साल तक जेल में रहने के बाद समयपूर्व रिहाई की मांग करने वाले आजीवन कारावास के 15 दोषियों की याचिका पर यूपी सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस केवी विश्वनाथन की अवकाशकालीन पीठ ने राज्य सरकार को इस संदर्भ में नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई सितंबर में होगी।
पीठ ने प्रदेश सरकार से उस याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें दोषियों ने एक अगस्त, 2018 को बनाई गई नीति के अनुसार, उन्हें बेहतर भविष्य के लिए समय पूर्व रिहाई करने का निर्देश देने की मांग की है। उनकी रिट याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता पहले से ही विभिन्न मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं और 15 से 23 साल की वास्तविक सजा काट चुके हैं।