यमुना का पानी घुसने से बृहस्पतिवार को वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जल शोधक संयंत्र को बंद करना पड़ा। ऐसे में राजधानी की करीब तीस फीसदी आबादी को जलसंकट से जूझना पड़ेगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वजीराबाद संयंत्र का दौरा करने के बाद कहा कि जलस्तर बढ़ने से तीन प्लांट बंद करने पड़े हैं। इनकी मशीनों में पानी घुस गया है। इस कारण दिल्ली में पानी का उत्पादन 25 फीसदी कम हो गया है और 30 प्रतिशत लोगों को एक-दो दिन पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। जलस्तर घटने के बाद मशीनों को सुखाकर दोबारा संयंत्र शुरू कर दिए जाएंगे। पहली बार राजधानी में यमुना का जलस्तर 208.60 मीटर को पार कर गया है।
कई इलाकों में मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति
बाढ़ से लोगों को गंदे पानी की आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है। अनेक इलाकों में मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति हुई। यह स्थिति यमुना व पश्चिमी यमुना नहर में आ रहे पानी में मिट्टी की मात्रा अधिक होने से पैदा हुई है। जल बोर्ड के हैदरपुर, नांगलोई, द्वारका, वजीराबाद, चंद्रावल एवं ओखला जलशोधक संयंत्र स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने में नाकाम रहे। इनसे मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति हुई। जलबोर्ड के अधिकारियों के अनुसार बारिश के मौसम में आमतौर पर पानी पूरी तरह साफ नहीं हो पाता, क्योंकि कच्चे पानी में मिट्टी की मात्रा काफी अधिक होती है।
इन क्षेत्रों में होगा पेयजल संकट
नई दिल्ली, सिविल लाइंस, हिंदू राव अस्पताल व आसपास के क्षेत्र, कमला नगर, शक्ति नगर व आसपास के क्षेत्र, करोल बाग, पहाड़गंज, राजेंद्र नगर, पटेल नगर, बलजीत नगर, प्रेम नगर, इंद्रपुरी और आसपास के क्षेत्र, कालकाजी, गोविंदपुरी, तुगलकाबाद, संगम विहार, अंबेडकर नगर, प्रह्लादपुर व आसपास का क्षेत्र, रामलीला मैदान, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, मॉडल टाउन, गुलाबी बाग, पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी, मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश व आसपास के क्षेत्र, छावनी क्षेत्र, दक्षिणी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्से ताहिरपुर, सोनिया विहार, यमुना विहार, भजनपुरा, शास्त्री पार्क, घोंडा, सीमा पुरी और अन्य इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी।