उद्धाटन के बाद काफी संख्या में लोग नए संसद भवन को देखने पहुंचे। देश ही नहीं विदेशी पर्यटक भी इसकी सुंदरता को निहारने के लिए पहुंच रहे थे। हर कोई इसकी एक झलक पाने के लिए बेताब दिखा। सप्ताहांत होने की वजह से दोपहर से ही यहां लोगों का हुजूम पहुंचने लगा था। जैसे-जैसे दिन ढल रहा था वैसे ही लोगों की संख्या बढ़ती जा रही थी। शाम को यहां का माहौल देखने लायक था।
संसद भवन को देखने पहुंच रहे लोगों में गर्व की अनुभूति को देखी गई। कोई दोस्तों के साथ तो कोई अपने बच्चों व परिवार के साथ यहां पहुंच रहा था। बच्चों, युवाओं से लेकर बुजुर्गों में उत्साह देखते ही बन रहा था। लोग इस पल को अपनी आंखों व मोबाइल फोन में सेल्फी के जरिये कैद करते नजर आए। शाम को रंग-बिरंगी रोशनी से नहाये नए संसद भवन का मनोरम दृश्य हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था।
संसद भवन का उद्घाटन समारोह संपन्न होने के बाद इसको बाहर से देखने के लिए लोगों का तांता लग गया था। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा। इंडिया गेट घूमने आने वाले लोग भी बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे थे। शाम को लोगों की इतनी भीड़ बढ़ गई थी कि सुरक्षा बलों को लोगों से यहां से जाने की अपील करनी पड़ी।
सुरक्षा बलों ने लोगों से कहा कि अगर आपने तस्वीरें ले ली हो तो घर की ओर जाएं। लोग न सिर्फ खुद यहां का दृश्य देख रहे थे, बल्कि वीडियो कॉल के माध्यम से अपने परिवार के सदस्यों को भी इसे दिखा रहे थे। लोग यहां बात करते साफ सुनाई दे रहे थे कि यह किसी अजूबे से कम नहीं है। यहां युवाओं की सबसे अधिक संख्या देखने को मिली। जो कोई भी इस रास्ते की ओर से गुजर रहा था वह अपना वाहन रोक कर इसकी एक झलक देखकर ही आगे बढ़ रहा था।
मुझे गर्व की अनुभूति हो रही है। यह खास पल मैं अपने जीवन में कभी नहीं भूल सकता हूं। मैं पुराने संसद भवन को भी देख चुका हूं और अब नए संसद भवन को देखना खुशी की बात है। यह भारतीय कला और संस्कृति का भी पूर्ण रूप से परिचय देता है।
-एल आर लखेरा, पर्यटक, देहरादून
यह कार्य केवल पीएम मोदी ही कर सकते हैं। यह केवल एक भवन ही नहीं बल्कि लोकतंत्र का मंदिर है। समय की जरूरतों के हिसाब से नया संसद भवन बनाना जरूरी था। यह सभी देशवासियों के लिए गौरवान्वित करने क्षण है।
-सतनाम होरा, पर्यटक, देहरादून
देश की जिस रूप से जनसंख्या बढ़ रही है उस तरह हमें जनप्रतिनिधियों की संख्या भी बढ़ाने की आवश्यकता है। यहां इनके लिए प्राप्त जगह है।
-दीपक निर्मल, पर्यटक, लखनऊ
यहां आने में थोड़ी परेशानी तो हुई, लेकिन इसकी झलक पाना बहुत जरूरी था। मैं अपने परिवार के साथ यहां आई हूं। यहां आकर काफी अच्छा लग रहा है।
-रिया, पर्यटक , लाजपत नगर