मौसमी परिस्थितियों में बदलाव की वजह से बीते 24 घंटे के भीतर दिल्ली-एनसीआर की हवा में सुधार हुआ है। दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी से निकलकर खराब श्रेणी में पहुंच गई है। वहीं, एनसीआर के शहरों की हवा के वायु सूचकांक में भी कमी आई है। हालांकि, पड़ोसी राज्यों में अधिक संख्या में पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
हालांकि, हवा के उत्तर-पश्चिम के साथ दक्षिण पश्चिम होने की वजह से इसकी प्रदूषण में हिस्सेदारी कम दर्ज हो रही है। एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिन तक हवा की गुणवत्ता में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का एक्यूआई 271 रहा, जबकि दीपावली के अगले दिन यानी मंगलवार को यह 302 के आंकड़े के साथ बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया था।
बीते 24 घंटे में फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और नोएडा की हवा में सुधार हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिक्सिंग हाइट का स्तर ठीक होने और हवा की रफ्तार मध्यम व दिशा दक्षिण-पश्चिमी होने की वजह से प्रदूषण के स्तर में प्रभाव पड़ा है। बता दें कि बीते आठ सालों में पहली बार दीपावली के अगले दिन दिल्ली की हवा साफ दर्ज की गई थी।
1350 मीटर रही मिक्सिंग हाइट :भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मतुाबिक, बीते 24 घंटे में हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम रही है। हवा की रफ्तार छह से आठ किमी प्रतिघंटा तक दर्ज की गई। मिक्सिंग हाइट का स्तर 1350 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स चार हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक दर्ज किया गया। आईआईटीएम का पूर्वानुमान है कि 24 घंटे में मिक्सिंग हाइट का स्तर बढ़कर 2050 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स नौ हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक दर्ज किया जा सकता है।
पराली जलाने की 1444 घटनाएं रिकॉर्ड
केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में 1444 पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं, जिसकी प्रदूषण में पांच से छह फीसदी हिस्सेदारी रही है। वहीं, 2.5 से बड़े कणों की पीएम 10 में 50 फीसदी तक हिस्सेदारी दर्ज की गई है। पीएम 10 का स्तर 216 व पीएम 2.5 का स्तर 110 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रहा। सफर का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है।